‘शहीदों की चिताओं पर लगेंगे हर बरस मेले, वतन पर मरने वालों का यही बाक़ी निशाँ होगा। कभी वह दिन भी आएगा जब अपना राज देखेंगे, जब अपनी ही ज़मीं होगी और अपना आसमाँ होगा।’ साल 1916 में मशहूर क्रांतिकारी कवि जगदंबा प्रसाद मिश्र ‘हितैषी’ जी द्वारा देशभक्ति की लिखी कविता की ये पंक्तियां […]
साहित्य
96वें जन्मदिवस (09 फरवरी) पर विशेष : आधुनिक बज्जिका के शिल्पकार महाकवि हरेंद्र सिंह ‘विप्लव’ (आचार्य चंद्र किशोर पराशर)
बिहार की लोक भाषाओं में बज्जिका का महत्वपूर्ण स्थान है। ऐसी मान्यता है कि वैशाली गणराज्य के बज्जि जनपद के लोककंठ की भाषा बज्जिका ही थी। इसीलिए, इस लोकभाषा को सुप्रसिद्ध भाषा वैज्ञानिक महापंडित राहुल सांकृत्यायन ने बज्जिका के रूप में नामित किया। आधुनिक बज्जिका को सजाने-संवारने में महाकवि हरेंद्र सिंह विप्लव का योगदान अग्रणी […]









