साहित्य

कविता : सतरंगी सपने… (नागेंद्र सिंह चौहान)

सम्मानित दोस्तों, पढ़िए, मेरी एक और ताजातरीन रचना… यह कविता देश के उन सभी बच्चों को समर्पित है जो हाईस्कूल और इण्टरमीडिएट परीक्षा उत्तीर्ण हुए हैं या फिर जो बच्चे अभी इंटर कॉलेज में अध्ययनरत हैं. सतरंगी सपने ——————- सतरंगी सपने देखे जो हमने, बड़े खूबसूरत सपने देखे हमने। पहले तो देखा बन्द आंखों से, […]

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(कविता) बात बस इतनी है… (नागेंद्र सिंह चौहान)

बात बस इतनी है… पता है मुझे बड़े अच्छे से कि मैं बड़ा अच्छा हूँ सच्चा हूँ थोड़ा बच्चा हूँ और यार तुम भी बड़े अच्छे हो। कितने खूबसूरत थे वो दिन कोई न था मेरे तेरे सिवा तू करता था मेरे लिए दुआ अब हर जगह मेरी बुराई करते हो। खैर छोड़ो अपने मध्य […]