महिला दिवस की शुभकामनाएं… औरत… औरत वह है जो खुद तो दर्द सहती है, लेकिन दूसरों को अपनी खुशी ही बताती है। औरत वह समुद्र है, जिसके प्यार को कोई पूरी तरह समझ न सका। वह दर्द सहती है, मार भी खाती है, ताने भी सहती है, लेकिन फिर भी खड़ी रहती है, अपने परिवार […]
साहित्य
कविता : सतरंगी सपने… (नागेंद्र सिंह चौहान)
सम्मानित दोस्तों, पढ़िए, मेरी एक और ताजातरीन रचना… यह कविता देश के उन सभी बच्चों को समर्पित है जो हाईस्कूल और इण्टरमीडिएट परीक्षा उत्तीर्ण हुए हैं या फिर जो बच्चे अभी इंटर कॉलेज में अध्ययनरत हैं. सतरंगी सपने ——————- सतरंगी सपने देखे जो हमने, बड़े खूबसूरत सपने देखे हमने। पहले तो देखा बन्द आंखों से, […]








