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कवि दिनकर की जयंती पर एक श्रद्धांजलि, उनकी याद में उनके द्वारा रचित कविता

वर्षों तक वन में घूम-घूम, बाधा-विघ्नों को चूम-चूम, सह धूप-घाम, पानी-पत्थर, पांडव आये कुछ और निखर। सौभाग्य न सब दिन सोता है, देखें, आगे क्या होता है। मैत्री की राह बताने को, सबको सुमार्ग पर लाने को, दुर्योधन को समझाने को, भीषण विध्वंस बचाने को, भगवान हस्तिनापुर आये, पांडव का संदेशा लाये। दो न्याय अगर […]

आलेख प्रादेशिक स्वास्थ्य

आलेख : पोषण माह, विशेष पोषण सलाह

पोषण माह और पोषण की खास बात                     डाइटीशियन प्रियंवदा राष्ट्रीय पोषण माह (जिसे पहले राष्ट्रीय पोषण सप्ताह कहा जाता है) भारत में हर साल सितंबर के दौरान पोषण संबंधी आवश्यकताओं, कमियों और कुपोषण के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए मनाया जाता है। इस महीने […]

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कविता : मुंशी प्रेमचंद जी की एक सुंदर कविता (दीपा अग्रवाल) जिसके एक-एक शब्द को बार-बार पढ़ने को मन करता है……

 बेगूसराय   से  :-  _ख्वाहिश नहीं मुझे_ _मशहूर होने की,”_         _आप मुझे पहचानते हो_         _बस इतना ही काफी है।_ _अच्छे ने अच्छा और_ _बुरे ने बुरा जाना मुझे,_         _जिसकी जितनी जरूरत थी_         _उसने उतना ही पहचाना मुझे!_ _जिन्दगी का फलसफा […]

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कविता : हमारा हौसला हमारी पहचान(निलेश कुमार)

” नकामयाबिया “ कामयाब वो नहीं जिसने  कभी  ना देखि हो नकामयाबिया , कामयाब  वह है  जिसने  हरा  दि हो  नकामयाबिया !! ज़िन्दगी के सफ़र  पर  बहुत   कुछ  सिखा जाती ये नकामयाबिया , दर  दर की ठोकरे खिलाती  ये   नकामयाबिया!! लोगो  के नजर  में  बेचारा बनती  जाती नकामयाबिया, अपनों से दूर कर देती  ये नकामयाबिया […]

आलेख प्रादेशिक सोशल मीडिया स्वास्थ्य

सुरक्षित पेयजल : डाइटीशियन प्रियंवदा

सुरक्षित पेयजल : सुरक्षित जीवन हर पल डाइटीशियन पप्रियंवदा दीक्षित जल हमेशा सभी जीवों के लिए एक महत्वपूर्ण और जीवनदायी पेय रहा है। सुरक्षित पेयजल तक पहुंच के बिना जीवन की भलाई की कल्पना करना कठिन है। प्रदूषण के बिना पानी के स्रोत आज लगातार बढ़ते जा रहे हैं और पेयजल संकट के संकट, विशेषकर […]

आलेख सोशल मीडिया स्वास्थ्य

स्वास्थ्य : रात का खाना सही समय पर ही खाना

रात का खाना जल्दी खाने के फायदे : डाइटीशियन प्रियंवदा “एक राजा की तरह नाश्ता खाओ , एक राजकुमार की तरह दोपहर का भोजन और एक कंगाली की तरह रात का खाना।” सबसे लोकप्रिय बात जो हम में से अधिकांश जानते हैं। लेकिन, हम में से अधिकांश इस उद्धरण का उल्टा पालन करते हैं, अर्थात, […]

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फ्रेंडशिप डे :- किसकी मित्रता की याद में मनाया जाता है

दोस्ती :- एक ऐसा शब्द है जिसे सुनते ही चेहरे पर मुस्कान आ जाती है। दो हस्तियों का एक दूसरे के प्रति समर्पण और निःस्वार्थ प्रेम , एक दूसरे के सुख में सुखी और दुख में दुखी , भले बुरे का बोध कराना, हर विकट परिस्थितियों में साथ निभाना, यही तो है सच्ची मित्रता। एक […]

आलेख प्रादेशिक

सरकारी स्कूल के शिक्षकों का दर्द समझने वाला कोई नहीं…!

बिहार के सरकारी स्कूल के शिक्षकों से बच्चों को पढ़ाने का काम छोड़ कर शेष सारे काम लिए जाते हैं क्योंकि अपने तुगलकी फरमानों से मुहम्मद बिन तुगलक को भी चमकृत करने वाले मुख्यमंत्री नितीश कुमार और उनके खुशामदी नौकरशाह यह मानते हैं बिहार में शिक्षा और शिक्षकों का सम्मान इतना अधिक महत्वपूर्ण नहीं है […]

आलेख प्रादेशिक सोशल मीडिया स्थानीय स्वास्थ्य

क्यों जरूरी है दूध का नियमित मात्रा में उपयोग।

दूध एक अमृत आहार …पर हो सकते हैं इससे भी विकार    डाइटीशियन अमृता  दूध ही एकमात्र ऐसा आहार है जिसका सेवन हम जीवनपर्यन्त करते हैं। यह हमारे शरीर को पोषित कर उसे मजबूत बनाता है, उसके विकास को बढ़ाता है, बीमारियों से लड़ता है व उन्हें दूर भी रखता है और इसके यही गुण […]

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जयंती विशेष : चंद्रशेखर आजाद… राष्ट्रीय गौरव के प्रतीक…

23 जुलाई यानी आज स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और पूरे भारतवर्ष के आत्मगौरव चंद्रशेखर आजाद की जयंती है. चद्रशेखर आजाद, यह नाम सुनते ही इंसानों के मन में दो छवि सामने आती है. पहली- मूछों पर भारतीयों के आत्मसम्मान का ताव. दूसरी भारत माता के प्रति आत्मसमर्पण ऐसा कि आखिरी गोली से खुद की जान ले […]