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जयंती विशेष : पंडित दीनदयाल उपाध्याय का एकात्म मानववाद एवं उपनिवेशवाद (बाला देवी)

पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जीवनी पंडित दीनदयाल उपाध्याय का जन्म 25 सितंबर , 1916 को राजस्थान के धंकिया गांव में हुआ था। उन्होंने अपने पिता भगवती प्रसाद को खो दिया , जब वह तीन वर्ष से कम उम्र के थे और उनकी मां आठ वर्ष से पहले थीं। उसके बाद उसे अपने मामा द्वारा लाया […]

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जयंती विशेष : राष्ट्रीयता के अमर गायक मैथिली शरण गुप्त (हरिओम शर्मा)

यों तो दुनिया की हर भाषा और बोली में काव्य रचने वाले कवि होते हैं। भारत भी इसका अपवाद नहीं हैं; पर अपनी रचनाओं से राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति पाने वाले कवि कम ही होते हैं। श्री मैथिलीशरण गुप्त हिन्दी भाषा के एक ऐसे ही महान कवि थे, जिन्हें राष्ट्रकवि का गौरव प्रदान किया गया। […]

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(जयंती विशेष) पिंगलि वेंकय्या : राष्ट्रीय ध्वज ‘तिरंगा’ के अभिकल्पक

पिंगलि वेंकय्या (जन्म: 2 अगस्त 1878, आन्ध्र प्रदेश; मृत्यु: 4 जुलाई 1963) भारत के राष्ट्रीय ध्वज ‘तिरंगा’ के अभिकल्पक थे। वे भारत के सच्चे देशभक्त, महान् स्वतंत्रता सेनानी एवं कृषि वैज्ञानिक भी थे। जीवन परिचय भारत के राष्‍ट्रीय ध्वज की रूपरेखा तैयार करने वाले पिंगली वेंकैय्या का जन्म आन्ध्र प्रदेश के कृष्णा ज़िले के “दीवी” […]

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शहीद ऊधम सिंह (पुण्यतिथि विशेष) : मुझे मृत्यु का डर नहीं, मैं अपने देश के लिए मर रहा हूं (जय भगवान चौहान)

कुछ दशकों पहले भारत देश गुलामी की जंजीरों में जकड़ा हुआ था, समय-समय पर अनेक क्रान्तिवीरों ने देश को आजाद करवाने के लिए अपनी जान की बाजी लगा दी। भारत भूमि सच्चे वीरों की भूमि है। देश में भगत सिंह, सुखेदव, राजगुरु, सुभाष, आजाद, असफाक उल्ला खां, बिरसा मुण्डा, मतादीन भंगी जैसे हजारों राष्ट्रवादी क्रान्तिकारियों […]

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जयंती विशेष : राष्ट्रीय गीत ‘वन्दे मातरम्’ के रचयिता बंकिमचंद्र चटर्जी

हमारे देश के राष्ट्रीय-गीत के रचयिता बंकिमचंद्र चटोपाध्याय की आज जयंती है। बंकिमचन्द्र चट्टोपाध्याय बंगला के प्रख्यात उपन्यासकार, कवि, गद्यकार और पत्रकार थे। भारत के राष्ट्रीय गीत ‘वन्दे मातरम्’ उनकी ही रचना है जो भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के काल में क्रान्तिकारियों का प्रेरणास्रोत बन गई थी। आज ही के दिन यानी 27 जून, 1838 को […]

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विश्व पर्यावरण दिवस : प्रकृति की सुरक्षा का करें संकल्प ( रमेश सर्राफ धमोरा)

विश्व पर्यावरण दिवस एक अभियान है। इस अभियान की शुरुआत करने का मुख्य उद्देश्य वातावरण की स्थितियों पर ध्यान केन्द्रित करने और पृथ्वी के सुरक्षित भविष्य को सुनिश्चित करने के लिए पर्यावरण में सकारात्मक बदलाव का भाग बनने के लिए लोगों को प्रेरित करना है। दुनिया में हर साल 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस […]

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जयंती विशेष : देशप्रेम, संघर्ष और बलिदान के प्रतीक अद्वितीय वीर महाराणा प्रताप (अशोक ‘प्रवृद्ध’)

भारतीय इतिहास में राजपूताने का प्रारम्भ से ही गौरवपूर्ण स्थान रहा है और इस राज्य के इतिहास में वीरता, त्याग, बलिदान तथा स्वतन्त्रता प्रेम का एक अद्भुत समन्वय दिखायी देता है। मध्यकाल में यहां के शासकों तथा जनता के द्वारा अपनी स्वाधीनता की रक्षा के लिए मुसलमान सुल्तानों के विरुद्ध किये गये संघर्ष इतिहास में […]

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विशेष : ‘मदर्स डे’ के इतिहास के बारे में कितना जानते हैं आप

बच्चों से लेकर बड़ों की जिंदगी में मां सबसे अहम महिला होती हैं। मां अपने बच्चों की बात कहे बिना ही आसानी से समझ जाती हैं। अच्छी परवरिश से लेकर सही मार्गदर्शन के रूप में हर वक्त वो साथ देती हैं। वैसे तो एक मां के लिए सभी दिन बराबर ही होते हैं, लेकिन मदर्स […]

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मई दिवस पर विशेष : मजदूरों का शोषण मानवता का उपहास (अशोक कुमार चौधरी)

अपने मानवोचित अधिकारों की प्राप्ति के लिए श्रमिकों के संघर्ष की कहानी लंबी है। यह कहानी अब भी समाप्त नहीं हुई हैं। कब तक चलेगी, कहना कठिन है। आज का श्रमिक सामान्यत: सात-आठ घंटे काम करता है लेकिन पुराने जमाने में श्रमिक को पंद्रह-बीस घंटे तक काम करना पड़ता था और उसमें भी यदि मालिक […]

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बिहार : RJD की मीटिंग से गायब रहे कई बड़े नेता

डेस्क : राष्ट्रीय जनता दल के नेताओं की महत्वपूर्ण बैठक शनिवार को पटना में बुलाई गई थी। पार्टी कार्यालय में आयोजित बैठक में सभी मौजूदा और पूर्व एमएलए–एमएलसी और उम्मीदवारों को शामिल होना था, लेकिन पार्टी के कई प्रमुख नेता इस बैठक से गायब रहे। आरजेडी संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष और वरिष्ठ नेता अवध बिहारी […]