डेस्क: भारत-नेपाल बॉर्डर (India-Nepal Border) पर हालात बदल रहे हैं। ये बदलाव भारतीय लोगों (Indian people) के पक्ष में नहीं हैं। नेपाल के अधिकारियों ने कुछ सख्त नियम लागू किए हैं, जिनका सीधा असर भारतीय यात्रियों पर पड़ सकता है। नेपाल सरकार के इन नियमों का असर खासकर उन लोगों पर पड़ेगा, जो अपनी गाड़ी से सीमा पार करते हैं या वहां से सामान वापस लाते हैं। कई लोगों के लिए, जो इन दोनों देशों के बीच आसान और बिना किसी रोक-टोक के सफर करने के आदी हैं, उन्हें यह बदलाव चौंकाने वाला लग सकता है।
भारत-नेपाल बॉर्डर पर बदले नियम
भारत और नेपाल के बीच दशकों पुराने ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रिश्ते रहे हैं। इन दोनों देशों के बीच संबंध इतने मजबूत हैं कि भारतीय सेना के मौजूदा प्रमुख को ‘नेपाली सेना के जनरल’ की मानद उपाधि दी जाती है और नेपाली सेना के प्रमुख को ‘भारतीय सेना के जनरल’ का मानद पद दिया जाता है।
भारत और नेपाल दोनों देशों की सीमाएं खुली हुई हैं, जिससे लोग बिना किसी रोक-टोक के एक-दूसरे के देश में आ-जा सकते हैं, लेकिन अब हालात तेजी से बदल रहे हैं। भारत से नेपाल अब अपनी गाड़ी से जाना आसान नहीं है, जैसे कि पहले हुआ करता था। नेपाल में घुसते ही भारतीय गाड़ियों को रजिस्टर कराना जरूरी है। इसके साथ ही आपके पास गाड़ी से जुड़े दस्तावेज भी होने चाहिए।
सख्त नियम हो रहे लागू
भारत के लोगों की गाड़ी एक साल में 30 दिनों से ज्यादा नेपाल में नहीं रुक सकती। यहां तक कि छोटी यात्राओं के लिए भी अब पैसे चुकाने जरूरी हो गए हैं। भारत से नेपाल जाने वाले लोगों से अब रोजाना एंट्री फीस ली जा रही है और अगर आपके पास गाड़ी से जुड़े दस्तावेज नहीं हैं तो अधिकारी आपकी गाड़ी जब्त कर सकते हैं और कुछ मामलों में, गाड़ी हमेशा के लिए भी जब्त की जा सकती है।
नेपाल से 100 नेपाली रुपया (करीब 62 भारतीय रुपया) से ज्यादा की खरीद करके लाने पर कस्टम ड्यूटी लगाई जा रही है। भारत-नेपाल बॉर्डर पर इन बदलावों का सबसे ज्यादा असर सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों पर पड़ेगा, क्योंकि उनके परिवार के कुछ सदस्य भारत में रहते हैं तो कुछ नेपाल में।
दक्षिणी नेपाल में रहने वाले कई परिवार अक्सर बिहार और उत्तर प्रदेश के आस-पास के इलाकों में जाकर अपनी जरूरत का सस्ता सामान खरीदते रहे हैं। अब, अगर वे पैसे देने से मना करते हैं, तो नेपाली कस्टम्स या तो उन पर चार्ज लगा रहा है या उनका सामान जब्त कर रहा है। छोटे दुकानदार और कारोबारी अब परेशान हैं, क्योंकि नए नियमों की वजह से उनकी बिक्री पर बुरा असर पड़ रहा है।
नियमों में बदलाव की क्या है वजह?
नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह की सरकार अब छोटी-छोटी बातों पर भी सख्त कार्रवाई कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि इस कदम का मकसद गाड़ियों के अवैध इस्तेमाल पर रोक लगाना, टैक्स चोरी रोकना और नेपाल के अंदर ही बने उत्पादों को बढ़ावा देना है। देखा जाए तो पहले भारतीय गाड़ियां बिना किसी शुल्क के 24 घंटे तक सीमा के आस-पास के इलाकों में आ-जा सकती थीं। अब इस छूट को खत्म करके, निगरानी और नियमों को लागू करने में और भी ज्यादा सख्ती बरती जा रही है।

