पटना: बिहार की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा ने साफ कर दिया है कि उनके बेटे और मंत्री दीपक प्रकाश फिलहाल इस्तीफा नहीं देंगे। MLC चुनाव में मौका नहीं मिलने के बावजूद कुशवाहा ने कहा कि “जब शपथ ली थी तब भी वह किसी सदन के सदस्य नहीं थे, अब स्थिति में कोई बदलाव नहीं हुआ है।”
दरअसल, सम्राट चौधरी सरकार के कैबिनेट विस्तार में 7 मई को दीपक प्रकाश को मंत्री बनाया गया था। हालांकि NDA की ओर से विधान परिषद चुनाव में उन्हें उम्मीदवार नहीं बनाया गया, जिसके बाद उनके मंत्री पद पर सवाल उठने लगे। संविधान के अनुसार किसी गैर-सदस्य मंत्री को छह महीने के भीतर विधानसभा या विधान परिषद का सदस्य बनना जरूरी होता है।
मीडिया के सवालों पर उपेंद्र कुशवाहा काफी आक्रामक नजर आए। उन्होंने कहा, “क्यों नहीं रहेगा मंत्री? अभी तो एक महीना ही हुआ है।” वहीं BJP द्वारा MLC सीट नहीं दिए जाने पर उन्होंने कहा कि सवाल उनसे पूछिए, हमसे नहीं।
राजनीतिक गलियारों में इसे NDA के भीतर नाराजगी और दबाव की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। खास बात यह भी है कि दीपक प्रकाश पहले भी बिना सदन के सदस्य बने मंत्री रह चुके हैं और तब सरकार बदलने से उनकी अवधि पूरी नहीं हुई थी।
अब नजर इस बात पर है कि आने वाले महीनों में BJP और RLM के रिश्तों में नरमी आती है या यह मामला बिहार NDA की नई सियासी खींचतान बनता है।
आशुतोष झा

