जमशेदपुर: टाटा पावर ने देश में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी (ईवी) को एक नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया है। कंपनी के चार्जिंग नेटवर्क ने 41.4 करोड़ ग्रीन माइल्स को पावर देकर पर्यावरण संरक्षण में मील का पत्थर छुआ है।
इस ऐतिहासिक पहल से पूरे देश में लगभग 50 हजार टन कार्बन उत्सर्जन रोकने में बड़ी कामयाबी मिली है। पारंपरिक ईंधन के महंगे होने और पर्यावरण के प्रति बढ़ती जागरूकता के चलते भारतीय ग्राहक तेजी से इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर मुड़ रहे हैं।
वित्त वर्ष 2026 में देश के अंदर 25.5 लाख से अधिक ईवी बिके, जिसमें दोपहिया से लेकर यात्री वाहनों तक सभी चार मुख्य श्रेणियों में दहाई अंक की जबर्दस्त वृद्धि दर्ज की गई।
वाहनों की इस बढ़ती मांग को रफ्तार देने में टाटा पावर का ईजेड चार्ज नेटवर्क भारत के ईवी इकोसिस्टम का प्रमुख आधार बन चुका है। अब तक 700 से अधिक शहरों और कस्बों में 5,500 से ज्यादा सार्वजनिक चार्जिंग प्वाइंट स्थापित किए जा चुके हैं।
कंपनी 7.5 लाख से ज्यादा चार्जिंग सेशन सफलतापूर्वक पूरे कर चुकी है। इसके अतिरिक्त, वाहन निर्माता कंपनियों के साथ मिलकर ग्राहकों की सहूलियत के लिए देशभर के घरों में 2.3 लाख से ज्यादा होम चार्जर भी लगाए गए हैं।
शहरी केंद्रों और हाईवे पर लंबी दूरी की यात्राओं को आसान बनाने के लिए टाटा पावर ने हाल ही में पुणे के कोपा माल, अहमदाबाद-वड़ोदरा एक्सप्रेसवे के दोनों तरफ स्थित आइओसीएल पंपों और कोलकाता के शापूरजी पालोनजी मिनी हब में छह चार्जिंग गन वाले नए फास्ट चार्जिंग स्टेशन शुरू किए हैं।
टाटा पावर के इस मजबूत बुनियादी ढांचे से भारत में प्रदूषण मुक्त, स्मार्ट और टिकाऊ परिवहन का सपना अब हकीकत में बदल रहा है। जमशेदपुर में टाटा समूह के सभी प्लांट पर्यावरण को स्वच्छ बनाने में योगदान कर रहे हैं।
83,855 करोड़ रुपये पहुंचा, टाटा मोटर्स कमर्शियल व्हीकल का राजस्व
टाटा मोटर्स कमर्शियल व्हीकल (सीवी) ने वित्त वर्ष 2025-26 में एक नया इतिहास रचते हुए रिकॉर्ड 83,855 करोड़ रुपये का कुल राजस्व हासिल किया है। पिछले वित्त वर्ष के 76,359 करोड़ रुपये की तुलना में यह 9.8 प्रतिशत की मजबूत सालाना वृद्धि है।
इस शानदार वित्तीय प्रदर्शन का सबसे मजबूत आधार जमशेदपुर स्थित मदर प्लांट रहा है, जहां नई पीढ़ी के आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल ट्रकों का निर्माण तेजी से किया जा रहा है। टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने कंपनी की वार्षिक रिपोर्ट में बताया कि आटोमोटिव व्यवसाय का रिटर्न आन कैपिटल एंप्लायड (आरओसीई) रिकार्ड 72.3 प्रतिशत रहा, जो पूरी दुनिया के सीवी उद्योग में सबसे अधिक है।
उन्होंने भरोसा जताया कि मजबूत बैलेंस शीट और उन्नत तकनीक के दम पर जमशेदपुर प्लांट भविष्य में स्मार्ट मोबिलिटी को पूरी तरह से नया आकार देगा। जमशेदपुर में स्थापित नई माड्यूलर असेंबली लाइन से प्राइम और सिग्ना सीरीज के इलेक्ट्रिक ट्रकों तथा हाइड्रोजन इंजन का निर्माण हो रहा है। इसके अलावा, फ्लीट एज साफ्टवेयर जैसी कनेक्टेड तकनीक और हाई-क्वालिटी स्पेयर पार्ट्स का बढ़ता कारोबार भी इस भारी राजस्व अर्जन का मुख्य जरिया बना है।

