
रंग-बिरंगे फूलों की खुशबू से महका पब्लिक लाइब्रेरी का परिसर,दरभंगा का दिल हुआ गुलशन गुलशन
दरभंगा। लालबाग़ स्थित प्रधान डाक घर के सामने, लक्ष्मेश्वर पब्लिक लाइब्रेरी परिसर लोगों को खूब आकर्षित कर रहा है। परिसर में चल रही दो दिवसीय पुष्प प्रदर्शनी को शनिवार 31 दिसंबर से 1 जनवरी तक आम लोगों के लिए खोल दिया गया है. प्रदर्शनी शुभारंभ गणेश वंदना, शंखनाद एवं स्वस्तिवाचन से हुआ।
एक साथ सैकड़ो किस्म के फूलों के डेकोरेशन को देखकर लोग अचंभित हो रहे थे। उद्घाटन समारोह वेद मंत्रों से किया गया. उत्तरी बिहार उद्यान समिति की अध्यक्ष, डॉ लता खेतान ने अपने अध्यक्षीय एवं स्वागत संबोधन में यह जानकारी दी कि हम लोगों की संस्था जनमानस के बीच प्रकृति प्रेम, हरियाली, जल संरक्षण, भूमि की उर्वरा शक्ति का पोषण के लिए अपने कई कार्यक्रमों से जागृति का संचार करने में संलग्न रहती है. हमारे सभी सदस्य संस्था के उद्देश्यों को पूरा करने में तत्पर रहते है। मुख्य अतिथि के रूप में पधारी डीआईजी, डा स्वपना गौतम मेश्राम ने संपूर्ण प्रदर्शनी में विभिन्न स्टॉल पर जाकर मुआयना किया और इस आयोजन की भूरी भूरी तारीफ एवं प्रशंसा करते हुए उन्होंने अपने संबोधन में यह स्पष्ट रूप से उल्लेख किया कि ऐसी प्रदर्शनी का आयोजन प्रकृति प्रेम के प्रति जन जागृति का अनूठा तरीका है।. ऐसे आयोजन से न सिर्फ आंखों को सुकून मिलता है बल्कि संपूर्ण प्रकृति का संरक्षित और पोषण किया जा सकता है। सिर्फ आवश्यकता ऐसे कार्यक्रमों से लगाव की है. उनके मतों में जब प्रकृति प्रेम और संरक्षण अति हो गया है तभी समाज का एक बड़ा तबका इससे दूर होता जा रहा हैं। अतिविशिष्ट सम्मानित अतिथि संजय सरावगी,नगर विधायक, पूर्व मंत्री सह प्रदेश भाजपा अध्यक्ष प्रदर्शनी पूरे देश में अलग स्थान रखती है यह अपने आप में इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसके माध्यम से पर्यावरण की सुरक्षा संरक्षण और जल किया जल का संरक्षण के प्रति प्रेरणा मिलती है उन्होंने कहा की सभी लोगों को अपने-अपने घरों में पौधे लगाने चाहिए और पर्यावरण के क्षेत्र में योगदान देना चाहिए
एक साथ सैकड़ो किस्म के फूलों के डेकोरेशन को देखकर लोग अचंभित हो रहे थे। उद्घाटन समारोह वेद मंत्रों से किया गया. उत्तरी बिहार उद्यान समिति की अध्यक्ष लता खेतान ने अपने अध्यक्षीय एवं स्वागत संबोधन में यह जानकारी दी कि हम लोगों की संस्था जनमानस के बीच प्रकृति प्रेम, हरियाली, जल संरक्षण, भूमि की उर्वरा शक्ति का पोषण के लिए अपने कई कार्यक्रमों से जागृति का संचार करने में संलग्न रहती है. महासचिव राघवेन्द्र कुमार ने कहा हमारे सभी सदस्य संस्था के उद्देश्यों को पूरा करने में तत्पर रहते है. ऐसे आयोजन से सिर्फ आंखों को सुकून मिलता है बल्कि संपूर्ण प्रकृति का संरक्षित और पोषण किया जा सकता है। सिर्फ आवश्यकता ऐसे कार्यक्रमों से लगाव की है. उनके मतों में जब प्रकृति प्रेम और संरक्षण अति हो गया है तभी समाज का एक बड़ा तबका इससे दूर होता जा रहा। उन्होंने स्कूली बच्चों के जज्बे को सलाम किया क्योंकि उनके उत्साह कार्यक्रम में चार चांद लगा रहे थे। समिति की ओर से दरभंगा में तालाब संरक्षण से जुड़े मो तसीम नबाब को सम्मानित किया गया।
पुष्प प्रदर्शनी के लिए रखे गए रंग-बिरंगे फूल कैक्टस आदि का दीदार करने पहुंचे लोग विभिन्न प्रकार के फूलों की बगिया के बीच खुद को पाकर आनंदित होते रहें. उनके होठों पर परिलक्षित होती मुस्कान चेहरे पर लालिमा बिखेरती नजर आ रही थी. प्रदर्शनी में बुजुर्ग, नवयुवक, युवतियां, महिलाएं व बच्चे प्रकृति के साथ एवं प्रकृति के बीच के नायाब वातावरण में बिताए गए इन फलों को समेटने में देर शाम तक लग रहे और अपने मोबाइल में इस सुनहरे पलों को कैद करते नजर आए. उत्तरी बिहार उद्यान समिति की ओर से लोगों के लिए खाने-पीने के स्टॉल लगाकर खाने-पीने की व्यवस्था की गई है. समिति के सभी सदस्य सक्रिय रूप से इस कार्यक्रम को व्यवस्थित और सुचारू ढंग से चलने के लिए पूरी कोशिश कर रहे थे. समिति की ओर से सुरक्षा का भी पुख्ता इंतजाम किया गया हैं. समिति द्वारा इस कार्यक्रम के दौरान न्यूनतम कीमत पर पौधों की बिक्री की जा रही है. देर शाम तक लोगों का प्रदर्शनी में आना-जाना लगा रहा है और लोग नैनो को तृप्त करने के साथ ही आत्मीय सुख उठाते नजर आए. चारों ओर फूल ही फूल और स्वर्ग जैसा नजारा प्रतिबिंबित हो रहा है. कार्यक्रम के दौरान मंच पर डॉ बिनोद कुमार मिश्रा, श्री शिव भगवान गुप्ता, विनोद पंसारी, डा राम बाबू खेतान, महासचिव राघवेंद्र कुमार, मुकेश खेतान, नीरज खेरिया, मनोज डोकनिया, प्रकाश रंजन सिंह आदि उपस्थित रहे. कार्यक्रम का संचालन तरुण मिश्रा जी ने किया.
प्रदर्शनी 1 जनवरी 2026 को भी आम लोगों के लिए खुली रहेगी और प्रात: 11:00 बजे विभिन्न स्कूल प्रतियोगिताओं का पारितोषिक वितरण कार्यक्रम होगा.
संस्था के पुष्प और बागवानी विशेषज्ञ संजय सिन्हा और राजकुमार पासवान ने यह बताया की प्रदर्शनी में मेरीगोल्ड, गुलदाउदी, विभिन्न किस्म के गुलाब, डालिया, राउंड कैक्टस, ग्राफ्टेड प्लांट, सक्यूलेंट, सॉन्ग ऑफ़ इंडिया, क्राटन, बोनसाई समेत कई प्रकार के फ्रूट प्लांट ओर्नामेंटल एवं मेडिसिनल प्लांट लगाए गए हैं.संस्था के पूर्व सचिव विनोद सरावगी ने बताया कि प्रदर्शनी में खासकर बोनसाई और कैक्टस की विभिन्न प्रजातियां लोगों को खासी आकर्षित कर रही हैं. बड़े पेड़ बरगद-पीपल आदि के पौधों को सपाट गमले में लगाकर बोनसाई तैयार किया जाता हैं. इस कार्यक्रम में करीब 23 स्कूलों की भागीदारी रही है जिनके बच्चों को विभिन्न प्रतियोगिताओं में शामिल कर पर्यावरण एवं प्रकृति के प्रति जागरूकता की एक ठोस बुनियाद संस्था के द्वारा रखने का प्रयास किया जा रहा है। मो शकिर को सर्वश्रेष्ठ विजेता घोषित किया गया।
धन्यवाद डा प्रतिमा आनंद ने दिया।