
सहकारी उद्यमों को प्रौद्योगिकी के साथ जोड़ने की पहल जरूरी : डा गोपाल जी ठाकुर
दरभंगा। सहकारिता समितियों के आधुनिकरण, पैक्सो के डिजिटलीकरण करने की दिशा में केंद्र और बिहार की एनडीए सरकार सार्थक पहल कर रही है। सहकारी बैंकिंग समिति सहकारी विपणन समिति, प्रसंस्करण समिति, बिहार राज्य सब्जी प्रसंस्करण योजना तथा अन्न भंडारण आदि को सशक्त बनाकर नई सहकारिता नीति 2025 के हर सोच को साकार करने के लिए सरकार के द्वारा ठोस पहल की जा रही हैं। दरभंगा में बंद परे दरभंगा सेंट्रल कॉपरेटिव बैंक को चालू करने के लिए बिहार के सहकारिता मंत्री को वस्तु स्थिति से अवगत कराकर इस संबंध में यथाशीघ्र ठोस पहल करने का आग्रह किया गया है। शनिवार को नई दिल्ली में बिहार के सहकारिता एवं जलवायु परिवर्तन तथा पर्यावरण मंत्री डॉ प्रमोद कुमार चंद्रवंशी से औपचारिक मुलाकात करने के बाद स्थानीय सांसद सह लोकसभा में भाजपा सचेतक डा गोपाल जी ठाकुर ने उपरोक्त विचार व्यक्त किए हैं।
इस मौके पर सांसद डा ठाकुर ने मंत्री, चंद्रवंशी को मंत्री पद के नव दायित्व ग्रहण करने हेतु बधाई, शुभकामना दिया तथा मिथिला की संस्कृति और परंपरा के अनुसार पाग एवं चादर से स्वागत तथा भी सम्मान किया।
मंत्री, चंद्रवंशी के साथ हुई मुलाकात में चर्चा किए विषयों की जानकारी देते हुए सांसद डा ठाकुर ने बताया है सरकार द्वारा पूर्व से स्वीकृत दरभंगा में 71 करोड़ की लागत से 2 लाख लीटर उत्पादन क्षमता वाले डेयरी प्लांट के कार्यों को शुरू किए जाने पर विस्तार से चर्चा की गई है। मंत्री ने शीघ्र ही इसके लिए पहल किए जाने के लिए आश्वस्त किया है। सांसद डा ठाकुर ने सरकार द्वारा स्वीकृत इस डेयरी प्लांट की महत्ता को रेखांकित करते हुए कहा इसके शुरू हो जाने से दरभंगा दूध उत्पादन में आत्मनिर्भर हो सकता है तथा हजारों लोगों को इसके व्यवसाय के माध्यम से रोजगार उपलब्ध कराए जा सकते हैं। सांसद ने मंत्री के साथ सहकारिता के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा करते हुए कहा कि सहकारिता के माध्यम से पंचायत स्तर पर सब्जी प्रसंस्करण,अन्न भंडारण के लिए सहकारी प्रसंस्करण समितियों का गठन कर इसे प्रभावी बनाया जा सकता है तथा प्रखंड स्तर पर कोल्ड स्टोरेज की स्थापना की पहल कर सब्जियों अनाज तथा अन्य कृषि एवं खाद्य पदार्थों को खराब होने से बचाया जा सकता है। सांसद डा ठाकुर ने सहकारिता क्षेत्र की ऐतिहासिक महत्वों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि 1945 में आर जी सराया ने सहकारी समिति का गठन कर सहकारिता को अस्तित्व में लाया था और स्थापना होने के बाद सहकारिता क्षेत्र के माध्यम से जनकल्याण के कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने मंत्री के साथ भेंट के क्रम में चर्चा करते हुए कहा सहकारी प्रबंधन में उन्नत शिक्षा अनुसंधान और प्रशिक्षण के माध्यम से देश स्तर पर इस क्षेत्र को मजबूत तथा जनोपयोगी बनाने के लिए एनडीए सरकार संकल्पित है।