
दरभंगा। नैनाघाट में आयोजित कार्यक्रम के अवसर पर पूर्व विधायक,डॉ इजहार अहमद ने बताया की मांझी के नेतृत्व में उठेगी नई आवाज़ और दरभंगा से बदलाव का आगाज़ होगा। उन्होंने कहा की राजनीतिक सामाजिक आयोजन की तैयारी पूरी हो चुकी है। श्री अहमद ने बताया आगामी 5 अक्टूबर रविवार सुबह 11 बजे दरभंगा ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के भालपट्टी कर्बला मैदान,दुर्गा मंदिर के निकट दलित अतिपिछड़ा अल्पसंख्यक संवाद कार्यक्रम का आयोजन होने जा रहा है। जिसके मुख्य अतिथि बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री, वर्तमान केंद्रीय मंत्री भारत सरकार एवं हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) सेकुलर के संस्थापक,जीतन राम मांझी होंगे। उन्होंने बताया यह संवाद महज़ एक राजनीतिक रैली नहीं होगी बल्कि सामाजिक आंदोलन की शुरुआत भी है। इसका उद्देश्य समाज के उन तबकों तक न्याय, समानता,विकास का संदेश पहुँचाना है। जिन्हें अब तक मुख्यधारा से दूर रखा गया है। दलित,अतिपिछड़ा, अल्पसंख्यक वर्ग आज भी अपने अधिकारों के लिए संघर्षरत है। संवाद कार्यक्रम के माध्यम से उनकी आवाज़ को एक मज़बूत मंच मिलेगा। जीतनराम मांझी हमेशा दलितों,पिछड़ों, वंचितों की आवाज़ रहे हैं। मुख्यमंत्री से लेकर केंद्रीय मंत्री तक का उनका लंबा राजनीतिक जीवन इस बात का प्रमाण है की वे गरीब,शोषित, वंचित समाज के उत्थान के लिए निरंतर काम करते रहे हैं। यही कारण है इस संवाद में उनका आना पूरे मिथिलांचल के लिए ऐतिहासिक मौका होगा। श्री अहमद ने विशेष रूप से जोर देते हुए कहा आज के समय में समाज को यह समझना होगा सत्ता और शासन में हमारी भागीदारी के बिना विकास संभव नहीं। जब तक दलित, पिछड़ा और अल्पसंख्यक समाज खुद को केवल वोट बैंक मानता रहेगा, तब तक उनके हितों की अनदेखी होती रहेगी। लेकिन जब यह समाज संगठित होकर अपनी शक्ति का एहसास कराएगा, तभी वास्तविक बदलाव संभव होगा। न केवल राजनीतिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि समाजिक एकता,भाईचारे का भी प्रतीक बनेगा। उन्होंने लोगों से आह्वान करते है के ज्यादा से ज्यादा संख्या में संवाद कार्यक्रम में भाग लेकर जीतन राम मांझी के विचारों को सुनें,समाज की बेहतरी के संकल्प में सहभागी बनें। स्थानीय नैना घाट निवासी सह समाजसेवी, शाहनवाज खान ने कहा संवाद से एक नई दिशा और नई सोच पैदा होगी।