केदारनाथ: उत्तराखंड में रविवार को मौसम ने जो रूप दिखाया, उसने पहाड़ से मैदान तक सब कुछ हिलाकर रख दिया. केदारनाथ धाम में तीन श्रद्धालुओं की स्वास्थ्य बिगड़ने से मौत हो गई, यात्रा मार्ग पर रोक लगा दी गई और राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) के मुताबिक प्रदेशभर में आपदा की स्थिति बनी हुई है.

रुद्रप्रयाग जिले से सबसे दर्दनाक खबर आई. 30 मई को एक ही दिन में तीन श्रद्धालुओं ने दम तोड़ दिया. पहले मामले में मध्यप्रदेश के रामनाथपुर, पन्ना निवासी गोपाल मिश्रा (उम्र 76 वर्ष) केदारनाथ दर्शन कर वापस लौटते समय अस्वस्थ हो गए और फाटा के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई. दूसरे मामले में गुजरात के अहमदाबाद निवासी नावघंजी लक्ष्मणजी ठाकुर (उम्र 52 वर्ष) भी दर्शन के लिए जाते समय फाटा में ही चल बसे. तीसरे श्रद्धालु तेलंगाना के हैदराबाद निवासी बालागनी बलराजू (उम्र 49 वर्ष) की भी केदारनाथ धाम में स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद फाटा में मृत्यु की सूचना आई.
जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग ने मौसम विभाग के ऑरेंज अलर्ट को देखते हुए सुबह 10 बजे से यात्रियों को आगे जाने से रोक दिया. मार्ग पर चल रहे सभी यात्रियों को निकटतम सुरक्षित स्थानों पर ठहराया गया.
चारधाम यात्रा का हाल अब तक 26 लाख से ज्यादा श्रद्धालु
SEOC की रिपोर्ट के अनुसार चारधाम यात्रा इस सीजन में अब तक 26,91,574 श्रद्धालुओं को दर्शन करा चुकी है. अकेले केदारनाथ में 10 लाख से अधिक तीर्थयात्री पहुंच चुके हैं. बदरीनाथ में 7,51,283, यमुनोत्री में 4,47,164 और गंगोत्री में 4,58,334 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं. इस सीजन में अब तक यात्रा से जुड़े कुल 138 मामलों में मृत्यु या लापता की सूचना है.
उत्तरकाशी में ट्रेकर लापता, खोज जारी
उत्तरकाशी से चिंताजनक खबर आई है , 29 से 31 मई के बीच ब्रोमाउंटेन्स एजेंसी के एक ट्रेकिंग दल के पांच सदस्य बुग्याल ट्रेक पर निकले थे. इनमें से नैनीताल निवासी महिला ट्रेकर बबीता पांडे 30 मई को लापता हो गईं. वन विभाग और स्थानीय लोगों ने दोपहर 12 बजे तक खोज बीन की लेकिन कोई सुराग नहीं मिला. अब 17 सदस्यीय खोज और बचाव दल जिसमें SDRF के 6, पुलिस के 6 और वन विभाग के 5 जवान शामिल हैं उनकी तलाश में जुटा है.
उत्तरकाशी में रात करीब 11:45 बजे जिला मुख्यालय के आयुर्वेदिक चिकित्सालय के पीछे टीन शेड में शॉर्ट सर्किट से आग लग गई जिसमें रखा सामान जलकर नष्ट हो गया. तीन परिवार उस शेड में रहते थे, हालांकि जान-माल का नुकसान नहीं हुआ. रात 1:30 बजे फायर सर्विस, पुलिस और आपदा प्रबंधन टीम ने आग पर काबू पाया.
बागेश्वर में ट्रेकर की तलाश, चंपावत में खाई में गिरा युवक
बागेश्वर जिले के तहसील कपकोट के पिंडारी ग्लेशियर ट्रेक पर वापसी के दौरान नोएडा निवासी ट्रेकर अभिषेक चौहान लापता हो गए. उनकी खोज के लिए SDRF, पुलिस और फायर सर्विस के कर्मी तैनात हैं.चंपावत में एनएच-111 बनलेख-ललुवापानी मोटर मार्ग के ग्राम किसकोट के पास 30 मई की शाम एक युवक 200 मीटर गहरी खाई में गिर गया. पुलिस, फायर टीम और ग्रामीणों ने रेस्क्यू किया तो युवक मृत अवस्था में मिला. मृतक की पहचान उधम सिंह नगर के ग्राम सलमता निवासी लखविंदर सिंह उर्फ बब्बू (उम्र 25 वर्ष) के रूप में हुई.
गंगोत्री में भी तीन मौतें
गंगोत्री यात्रा मार्ग पर भी 30 मई को दर्दनाक हादसे हुए. महाराष्ट्र की लक्ष्मी दामोदर रामटेकर (उम्र 67 वर्ष) की गंगनानी के पास स्वास्थ्य बिगड़ने से मौत हुई. उनके पति दामोदर हिराम रामटेकर (उम्र 76 वर्ष) की भी गंगनानी के पास मृत्यु की सूचना आई. तीसरी मौत मध्यप्रदेश निवासी हरिमोहन कलाराम (उम्र 61 वर्ष) की यमुनोत्री पैदल मार्ग पर बम्भूट के पास हुई.
प्रदेशभर में सड़क हादसों का आंकड़ा भी चिंताजनक
SEOC की रिपोर्ट के मुताबिक 1 जनवरी 2026 से अब तक प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं में 125 लोगों की जान जा चुकी है और 427 घायल हुए हैं. सबसे ज्यादा मौतें टिहरी (22), देहरादून (15), पिथौरागढ़ (21) और अल्मोड़ा (14) में हुई हैं. इसके अलावा 1 अप्रैल 2026 से अब तक प्राकृतिक आपदाओं में 12 मौतें और 12 घायल होने की सूचना है.
मौसम विभाग का अलर्ट 5 जून तक राहत नहीं
भारत मौसम विज्ञान विभाग, देहरादून ने 31 मई को सुबह 10 बजे जारी अपने बुलेटिन में स्पष्ट किया है कि आज पर्वतीय जनपदों और हरिद्वार में हल्की से मध्यम बारिश, गर्जन और 3500 मीटर से ऊंचे स्थानों पर बर्फबारी की संभावना है. आज के लिए पर्वतीय जनपदों में आकाशीय बिजली, ओलावृष्टि, वर्षा के अति तीव्र दौर और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाओं की चेतावनी दी गई है. देहरादून, टिहरी, नैनीताल, चंपावत, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में कहीं-कहीं भारी वर्षा की भी आशंका है.
अगले 24 घंटों में तापमान में 1 से 3 डिग्री की और गिरावट हो सकती है, हालांकि उसके बाद 3 से 4 दिनों में 3 से 5 डिग्री की बढ़ोतरी होने का अनुमान है. 5 जून तक पर्वतीय इलाकों में मौसम खराब रहने की संभावना बनी हुई है.
प्रशासन की अपील सावधान रहें, अनावश्यक यात्रा न करें
SEOC और मौसम विभाग ने तीर्थयात्रियों, पर्यटकों और स्थानीय निवासियों से अपील की है कि गर्जन और बिजली के दौरान घर के अंदर रहें, पेड़ों के नीचे शरण न लें, भूस्खलन संवेदनशील क्षेत्रों से दूर रहें और नदी-नालों के किनारे जाने से बचें. किसानों को सलाह दी गई है कि कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थान पर रखें. जिला प्रशासन की ओर से यात्रा को लेकर मौसम विभाग के हर अपडेट पर नजर रखी जा रही है.

