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इस फ्लॉप फिल्म के कारण सतीश कौशिक के मन में आए थे सुसाइड के ख्याल, चलती कार से कूदने का आया था विचार

डेस्क: फिल्म इंडस्ट्री (Film Industry) में कई बार बड़ी उम्मीदों और भारी बजट के बावजूद फिल्में बॉक्स ऑफिस (Box Office) पर असफल साबित हो जाती हैं, जिसका असर सिर्फ करियर पर ही नहीं बल्कि कलाकारों की मानसिक स्थिति पर भी पड़ता है। ऐसी ही एक घटना 1993 की बिग बजट फिल्म रूप की रानी चोरों का राजा से जुड़ी है, जो भारी स्टारकास्ट (Star Cast) के बावजूद दर्शकों को प्रभावित नहीं कर सकी और बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह फ्लॉप रही। इस फिल्म की असफलता ने एक मशहूर कलाकार को खुदकुशी करने को मजबूर कर दिया था।
बड़ी स्टारकास्ट के बावजूद नहीं चला जादू
इस फिल्म में अनिल कपूर, श्रीदेवी और जैकी श्रॉफ जैसे बड़े सितारे नजर आए थे। साथ ही अनुपम खेर भी अहम भूमिका में थे। इतने बड़े नामों के बावजूद फिल्म दर्शकों की उम्मीदों पर खरी नहीं उतर सकी।
फिल्म फ्लॉप होने के बाद भावुक हुए सतीश कौशिक
फिल्म का निर्देशन दिवंगत अभिनेता और निर्देशक सतीश कौशिक ने किया था, जबकि इसे बोनी कपूर ने प्रोड्यूस किया था। बाद में एक इंटरव्यू में सतीश कौशिक ने स्वीकार किया था कि फिल्म के फ्लॉप होने के बाद वह मानसिक रूप से बेहद टूट गए थे और उनके मन में नकारात्मक विचार आने लगे थे।

चलती कार से कूदने तक के आए विचार
बोनी कपूर ने खुलासा किया था कि उस समय सतीश कौशिक इतने परेशान थे कि उन्होंने चलती कार से कूदने जैसी बात भी कही थी। इतना ही नहीं, होटल पहुंचने पर वह पहली मंजिल से छलांग लगाने की बात कर रहे थे। यह उनके मानसिक तनाव की गंभीर स्थिति को दर्शाता है।
हास्य में छिपा दर्द
बाद में सतीश कौशिक ने इस घटना को हल्के अंदाज में याद करते हुए कहा था कि उस समय उनके मन में अजीब विचार आ रहे थे और वे स्थिति को ह्यूमर के जरिए संभालने की कोशिश कर रहे थे। उन्होंने यह भी कहा कि उस दौर में वह बहुत ज्यादा भावनात्मक दबाव में थे।
फिल्म के गाने हुए हिट
हालांकि फिल्म असफल रही, लेकिन इसका संगीत काफी लोकप्रिय हुआ। इसके गाने तू रूप की रानी तू चोरों का राजा जैसे ट्रैक आज भी लोगों के बीच सुने जाते हैं। फिल्म की कहानी जावेद अख्तर ने लिखी थी, जबकि संगीत लक्ष्मीकांत–प्यारेलाल ने दिया था।

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