नई दिल्ली: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। सूत्रों के अनुसार कांग्रेस नेतृत्व ने शरद पवार की पार्टी एनसीपी (शरदचंद्र पवार) को कांग्रेस में विलय का प्रस्ताव दिया है। बताया जा रहा है कि इस प्रस्ताव पर पार्टी के भीतर गंभीर मंथन चल रहा है।
हाल के दिनों में शिवसेना (उद्धव गुट) के नेता संजय राउत ने भी सुझाव दिया था कि कांग्रेस से अलग होकर बनी पार्टियों को फिर से कांग्रेस के साथ आ जाना चाहिए। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए सुप्रिया सुले ने कहा कि यह एक अच्छा सुझाव है और भविष्य में क्या होगा, यह समय तय करेगा।
इसी बीच शरद पवार गुट के लिए एक और चुनौती सामने आई है। सोलापुर क्षेत्र के तीन विधायक भाजपा प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र चव्हाण से मिले हैं, जिसके बाद उनके भाजपा में जाने की अटकलें तेज हो गई हैं। बताया जा रहा है कि टिकट वितरण को लेकर पार्टी के भीतर नाराजगी बढ़ी हुई है।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने भी कहा है कि विपक्षी एकता को मजबूत करने के लिए कांग्रेस से अलग हुई पार्टियों को वापस साथ आना चाहिए। उन्होंने राहुल गांधी को इंडिया गठबंधन का स्वाभाविक नेता बताते हुए विपक्षी दलों से एकजुट होने की अपील की।
राजनीतिक गलियारों में अब चर्चा इस बात की है कि क्या एनसीपी (शरद पवार) भविष्य में कांग्रेस के साथ विलय का रास्ता चुनेगी या अपनी अलग पहचान बनाए रखेगी। फिलहाल दोनों तरफ से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन बढ़ती अटकलों ने महाराष्ट्र की राजनीति को नई दिशा दे दी है।
आशुतोष झा

