डेस्क:उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में पुलिस ने एक महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए दो युवकों को गिरफ्तार किया है। इन दोनों पर दुबई में रह रहे एक कथित ‘पाकिस्तानी हैंडलर’ आकिब के संपर्क में होने और राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप है। यह मामला तब और गंभीर हो गया जब इसमें पहले दी गई ‘क्लीन चिट’ को रद्द कर जांच एटीएस (ATS) को सौंप दी गई। नजीबाबाद के पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) अंजनी कुमार चतुर्वेदी ने बताया कि शुक्रवार को उवैद मलिक और जलाल हैदर को गिरफ्तार किया गया। उन्होंने बताया कि दोनों दुबई में बैठे मेरठ के आकिब के संपर्क में थे। सीओ ने कहा कि आकिब का इंस्टाग्राम पर एक वीडियो प्रसवारित हुआ था जिसमें वह एके 47 और बम दिखा रहा था। सीओ ने बताया कि दोनों ने पूछताछ में बताया कि आकिब युवकों की भर्ती करने, हिंदुओं के खिलाफ और देश विरोधी गतिविधियों के लिए भड़काता था।
पुलिस अभी दोनों से गहन पूछताछ में लगी है। इसके पहले छह अप्रैल को पुलिस अधीक्षक (एसपी) अभिषेक झा ने बताया था कि यह वीडियो पिछले साल नवंबर में सामने आया था। वीडियो में मेरठ के मवाना क्षेत्र के सथला गांव का निवासी आकिब, जो वर्तमान में दुबई में है, कथित तौर पर एके-47 राइफल और हथगोले का प्रदर्शन करता दिखाई दे रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद नांगल थाने में उपनिरीक्षक विनोद कुमार ने मामला दर्ज किया था। तत्कालीन थाना प्रभारी और जांच अधिकारी सत्येंद्र सिंह ने आकिब का बयान दर्ज कर अंतिम रिपोर्ट दाखिल की, जिसमें कहा गया कि वीडियो में दिखाए गए हथियार खिलौने थे। इसके आधार पर उसे क्लीन चिट मिल गई। पुलिस के अनुसार, हालिया घटनाक्रम में आकिब के कुछ संदिग्ध संबंध सामने आए हैं। इसके बाद मामले की जांच आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) को सौंप दी गई है। एसपी अभिषेक झा ने बताया कि तत्कालीन थाना प्रभारी एवं जांच अधिकारी सत्येंद्र सिंह को निलंबित कर दिया गया है, जबकि पुलिस क्षेत्राधिकारी नितेश प्रताप सिंह को उनके पद से हटा दिया गया है।

