
दरभंगा। मनरेगा योजना में आवश्यकता से अधिक प्राक्कलन बनाने, काम से अधिक मापी पुस्तिका में राशि दर्ज करने तथा मजदूर के वदले जेसीबी से काम करा कर मजदूर के नाम पर भुगतान प्राप्त करने, बेनीपुर मनरेगा पीओ से लेकर पीआरएस तक को काफी महंगा पड़ गया। विदित हो कि बेनीपुर प्रखंड के महिनाम पंचायत के मेन रोड से बालेश्वर चौक तक 944918 रुपये से नाला उराहीकरण में वरती गई। अनियमितता की शिकायत पंचायत निवासी राजन कुमार झा ने उपविकास आयुक्त से शिकायत किया। उप विकास आयुक्त ने मामले की गंभीरता से लेते हुए मामले की अभिलेखीय एवं स्थलीय जांच किया। जांच के दौरान राजन झा द्वारा लगाए गए आरोपों को सत्य करार देते हुए उप विकास आयुक्त ने वर्तमान पीओ गौरव कुमार तत्कालीन पीओ शाहनवाज रहमत जो वर्तमान में मुजफ्फरपुर मे पदस्थापित है। सहायक अभियंता राज मोहन चौधरी जो मुजफ्फरपुर में पदस्थापित है, तो तत्कालीन कनीय अभियंता हरि साहु जो वर्तमान जल संसाधन विभाग में कार्यरत है के अलावे वर्तमान लेखपाल सुंदर पासवान एवं पंचायत के रोजगार सेवक अश्विनी कुमार मिश्र को दोषी करार देते हुए। मापी पुस्तिका में कार्य से अधिक भुगतान की राशि को वापस करने तथा कनीय अभियंता हरि साह एवं रोजगार सेवक को वापसी का आदेश दिया है। इसके अलावे गलत प्राकलन निर्माण करने एवं गलत मापी पुस्तिका में राशि अंकित करने के आरोप में तत्कालीन कनीय अभियंता हरि साह से 10000 तथा प्राक्कलन की तकनीकी स्वीकृत देने वाले सहायक अभियंता राज मोहन चौधरी 5000 भुगतान का आदेश देते हुए इसकी प्रति सभी संबंधित अधिकारी एवं कर्मी के वर्तमान पदस्थापना कार्यालय को उपलब्ध कराते हुए पंचायत रोजगार सेवक पर पद एवं नियम का दुरुपयोग करने का आरोप लगाते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया है।