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रूस का मास्टरस्ट्रोक! ईरान को दिया अमेरिकी सेना के गुप्त ठिकानों का डेटा, क्या अब और भीषण होगा मिडिल ईस्ट का महायुद्ध?

डेस्क: मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) में जारी भीषण जंग के बीच एक ऐसा मोड़ आया है जिसने पूरी दुनिया की धड़कनें बढ़ा दी हैं। अब तक युद्ध से दूरी बनाए रखने वाला रूस खुलकर अपने दोस्त ईरान की मदद के लिए मैदान में उतर आया है। खबर है कि रूस ने ईरान को अमेरिकी सेना की उन गुप्त संपत्तियों (Military Assets) की जानकारी दी है, जिससे तेहरान को अमेरिका और इजरायल पर सटीक हमले करने में बड़ी मदद मिल सकती है।

रूस ने दी टारगेट की जानकारी

न्यूज एजेंसी एपी (AP) के मुताबिक, रूस ने ईरान के साथ ऐसी खुफिया जानकारी साझा की है जो क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी युद्धपोतों, लड़ाकू विमानों और सैन्य ठिकानों की सटीक लोकेशन बता सकती है। इस जानकारी के बाद ईरान, अमेरिका और इजरायल को पहले से कहीं ज्यादा नुकसान पहुंचाने की स्थिति में आ गया है। पिछले 4 सालों से यूक्रेन युद्ध में उलझे रूस को ईरान से ड्रोन और मिसाइलों की मदद मिलती रही है। अब ईरान की मुश्किल घड़ी में पुतिन ने यह रिटर्न गिफ्ट देकर दोस्ती निभाई है।

पुतिन और ईरानी राष्ट्रपति की बातचीत

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने शुक्रवार को ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन से फोन पर लंबी बात की। पुतिन ने ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत और हमलों में मारे गए आम नागरिकों पर दुख जताया। हालांकि, पुतिन ने युद्ध को तुरंत रोकने और कूटनीतिक रास्ता अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि ताकत के इस्तेमाल के बजाय बातचीत से मसले हल होने चाहिए।

अमेरिका ने दी चुनौती- ‘नहीं रुकेगा हमारा ऑपरेशन’

रूस के इस कदम पर अमेरिका की तीखी प्रतिक्रिया आई है। अमेरिकी रक्षा विभाग ने साफ कर दिया है कि रूस की खुफिया जानकारी से उनके ऑपरेशन पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। अमेरिका का कहना है कि हम ईरान की सैन्य क्षमता को पूरी तरह खत्म करने के अपने मिशन पर अडिग हैं। हमारे सैन्य उद्देश्य पूरे हो रहे हैं और यह कार्रवाई जारी रहेगी।

ईरान का ऑपरेशन तबाही- 12 देशों पर बरसाई मिसाइलें

भले ही अमेरिका और इजरायल लगातार ईरान के सैन्य ठिकानों को तहस-नहस कर रहे हों, लेकिन ईरान के तेवर ढीले नहीं पड़े हैं। ईरान ने अब तक इजरायल समेत 12 देशों (UAE, कतर, सऊदी अरब, जॉर्डन आदि) में मौजूद ठिकानों पर हमले किए हैं। इन हमलों में खोर्रमशहर-4, खेबर और फतेह जैसी घातक मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया है। खबरों के मुताबिक, इजरायल पर दागी गई कई बैलिस्टिक मिसाइलों में क्लस्टर बम लगे थे, जो एक साथ बड़े इलाके में तबाही मचाते हैं।

क्या झुकने को तैयार है ईरान?

सवाल यही है कि डोनाल्ड ट्रंप की धमकियों और सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत के बाद क्या ईरान घुटने टेकेगा? फिलहाल जमीनी हकीकत को देखकर ऐसा नहीं लगता। रूस के समर्थन ने ईरान को नई संजीवनी दे दी है, जिससे यह जंग अब एक ‘ग्लोबल वार’ (विश्व युद्ध) की ओर बढ़ती दिख रही है।

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