
दरभंगा। अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के राष्ट्रीय सम्मेलन में लिए गए फैसले के आलोक में 26 फरवरी को राष्ट्रीय मांग दिवस के अवसर पर बिहार राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ जिला शाखा दरभंगा द्वारा 10 सूत्री मांगों की प्राप्ति हेतु पोलो मैदान लहेरियसाय से प्रदर्शन निकालकर विभिन्न कार्यालय का भ्रमण करते हुए समाहरणालय के मुख्य द्वार पर पहुंचा, जहां मुख्य सचिव बिहार सरकार को संबोधित मांग पत्र प्रतिनियुक्ति दंडाधिकारी को सौंपा गया। इस अवसर पर महासंघ के उपाध्यक्ष अश्वनी कुमार झा की अध्यक्षता में रैली किया। महासंघ के जिला मंत्री फूल कुमार झा ने मागों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जब तक एनपीएस/ यूपीएस समाप्त कर पुरानी पेंशन लागू करने,संविदा, आउटसोर्सिंग मानदेय प्रथा समाप्त कर कार्यरत सभी कर्मचारियों को नियमितकरण नहीं किया जाएगा। कोरोना काल का 18 महीने का बकाया महंगाई भत्ता एवं महंगाई राहत का भुगतान कर,04 नया श्रम संगहीता कानून की वापसी,सहित 10 सूत्री मांगों की प्राप्ति नहीं होगी तब तक हम लोग का आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा केंद्र एवं राज्य सरकार कर्मचारी एवं श्रमिक विरोधी है। आजादी के पूर्व से मिल रही पेंशन समाप्त कर अंशप्रदीय नई पेंशन योजना थोप दिया गया है। महासंघ के सहायक जिला मंत्री मो ईशा खां संबोधित करते हुए कहा कि स्थाई पदों पर नियुक्ति नहीं कर नौजवानों का श्रम का शोषण हो रहा। आउटसोर्सिंग एवं संविदा मानदेय पर काम लिया जा रहा है। सरकार ठेका संविदा प्रथा को बंद कर सभी कार्यरत कर्मचारियों को सेवा नियमित कर दे,अन्यथा संघर्ष जारी रहेगा। इस अवसर पर अरुण कुमार झा, सिकंदर राम, शिवेंद्र कुमार,अनिता कुमारी, रीता कुमारी,आरती, गीता कुमारी, रंभा कुमारी, निशा कुमारी,प्रियंका कुमारी, संजुक्ता कुमारी, रितेश कुमार,शिव कुमार,नीतू कुमारी,सूर्यदेव राय, राजेश कुमार आदि ने विचार व्यक्त किया तथा मांगों के लिए संघर्ष तेज करने का आवाहन किया।