
दरभंगा। रेलवे के माध्यम से माल ढुलाई, ट्रेनों की आवाजाही को सुव्यवस्थित करने और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में विस्तार के लिए रेल मल्टीट्रेकिंग प्रोजेक्ट आने वाले समय में बिहार के लिए वरदान साबित होगा। रेल मल्टीट्रेकिंग प्रोजेक्ट के माध्यम से बिहार खासकर रेलवे के लंबी दूरी के व्यापारियों को व्यापार की लागत में कमी आएगी तथा ट्रेनों के परिचालन में समय की काफी बचत होगी। दरभंगा सांसद सह लोकसभा में भाजपा सचेतक तथा रेलवे स्थायी समिति के सदस्य डा गोपाल जी ठाकुर ने केंद्र सरकार द्वारा तीन मल्टी ट्रैकिंग प्रोजेक्ट की मंजूरी पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उपरोक्त बातें कही है। बिहार के साथ महाराष्ट्र मध्यप्रदेश और झारखंड के आठ जिलों को कवच करने वाली 9072 करोड़ की लागत से बनने वाले इस ट्रैक के पूरा होने से तीन सौ सात किलोमीटर की लंबाई बढ़ जाएगी। जिसे 2030-31 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस प्रोजेक्ट को रेल के माध्यम से व्यापार को बढ़ावा देने की दूरगामी पहल बताते हुए कहा पहल रेलवे के विकास,क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत बनाएगा। उन्होंने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार की सोच को आने वाले समय के लिए वरदान बताते हुए कहा पिछले महीने रेलवे अध्ययन दल के दौरे पर उनके साथ साथ अन्य सदस्यों ने रेलवे के हर तरह से विस्तार के लिए अधिकारयों से इस तरह के अनेक मुद्दों पर चर्चा की थी तथा रेलवे अध्ययन दौरे में देश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में माल ढुलाई को पारंपरिक नेटवर्क से हटाकर आधुनिकरण के रास्ते पर लाने में रेलवे की अहम भूमिका तथा जिम्मेवारी को तय करने के लिए विमर्श हुआ था। जिसमें देश भर के रेलवे अधिकारी और रेलवे के क्षेत्र में निर्माण तथा व्यापार से जुड़ी तमाम एजेंसी के अधिकारी शामिल हुए थे। व्यापार की लागत में कमी लाने और इसमें प्रोत्साहन के लिए केंद्र सरकार की नीतिगत निर्णय को ऐतिहासिक पहल बताते हुए कहा रेलवे की हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए यह रेल प्रोजेक्ट हर तरह से बहुआयामी साबित होगा क्योंकि इसके माध्यम दक्षिण भारत की तरह बिहार जैसे राज्यों में लिए रेलवे को व्यापारिक केंद्र बिंदु बनाकर उद्यमियों को प्रोत्साहित किए जाने के लिए हर तरह से लाभकारी साबित होगा। प्रधानमंत्री, नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय रेल को मिल रही नई पहचान को देश के लिए गौरव बताते हुए कहा रेलवे परियोजनाओं के मुद्दे पर दरभंगा सहित बिहार में रेल कनेक्टिविटी का जाल बिछाया जा रहा है। इस तरह के मल्टी ट्रैकिंग प्रोजेक्ट के पूरा होने से रेलवे हर तरह से लाभकारी साबित होगा।