अंतरराष्ट्रीय

US : डोनाल्ड ट्रंप की बढ़ेगी परेशानी, टैरिफ Tariff से वसूली गई रकम वापस करने की मांग को लेकर डेमोक्रेट्स ने खोला मोर्चा

डेस्क: अमेरिकी (US) सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) द्वारा ट्रंप सरकार (Trump government) के टैरिफ (tariffs) को अवैध बताने के बाद अब सवाल उठ रहा है कि ट्रंप प्रशासन ने अभी तक जो 175 अरब डॉलर टैरिफ से वसूले हैं, उन्हें क्या वापस किया जाएगा? अब विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी (Democratic Party) ने इस टैरिफ को वापस करने की मांग को लेकर ट्रंप सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सीनेट के तीन डेमोक्रेट सांसदों ने सरकार से लगभग 175 अरब अमेरिकी डॉलर की टैरिफ आय वापस करने की मांग की है।

ओरेगन के सीनेटर रॉन वाइडन, मैसाचुसेट्स के एड मार्की और न्यू हैम्पशायर की जीन शहीन ने सोमवार को एक विधेयक पेश किया। इस विधेयक के तहत अमेरिकी कस्टम्स एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन को 180 दिनों के भीतर रिफंड जारी करना होगा और लौटाई जाने वाली राशि पर ब्याज भी देना होगा। प्रस्ताव में छोटे व्यवसायों को प्राथमिकता देने की मांग की गई है और आयातकों, थोक विक्रेताओं तथा बड़ी कंपनियों से अपील की गई है कि वे यह राशि अपने ग्राहकों तक पहुंचाएं।

वाइडन ने कहा, ‘ट्रंप के अवैध टैरिफ ने अमेरिकी परिवारों, छोटे व्यवसायों और उत्पादकों को गहरी क्षति पहुंचाई है, जो नए-नए टैरिफ की मार झेलते रहे हैं।’ उन्होंने जोर देते हुए कहा कि समस्या के समाधान की सबसे पहली कड़ी यह है कि जितनी जल्दी हो सके छोटे व्यवसायों और निर्माताओं की जेब में पैसा वापस डाला जाए।

हालांकि इस विधेयक के पारित होने की संभावना कम है, लेकिन इससे यह संकेत मिलता है कि डेमोक्रेट्स अब ट्रंप प्रशासन पर सार्वजनिक दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को 6-3 के बहुमत से फैसला सुनाया था, लेकिन ट्रंप प्रशासन टैरिफ राजस्व लौटाने में खास दिलचस्पी नहीं दिखा रहा है।

आगामी नवंबर में होने वाले मध्यावधि चुनावों से पहले डेमोक्रेट्स जनता से कह रहे हैं कि ट्रंप ने अवैध रूप से कर बढ़ाए और अब अमेरिकी लोगों को वह पैसा लौटाने से इनकार कर रहे हैं।

शहीन ने कहा कि टैरिफ के कारण बढ़ी कीमतों से हुए नुकसान की भरपाई की शुरुआत राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा अवैध रूप से वसूले गए टैरिफ करों की वापसी से होनी चाहिए। वहीं मार्की ने कहा कि छोटे व्यवसायों के पास बहुत कम या कोई संसाधन नहीं होते और रिफंड की प्रक्रिया उनके लिए बेहद जटिल और समय लेने वाली हो सकती है।

ट्रंप प्रशासन ने कहा- उनके हाथ बंधे हुए हैं

ट्रंप प्रशासन का कहना है कि उसके हाथ बंधे हुए हैं, क्योंकि किसी भी रिफंड का फैसला आगे की अदालती कार्यवाही के जरिए ही होना चाहिए।

जब व्हाइट हाउस के प्रवक्ता कुश देसाई से पूछा गया कि क्या ट्रंप मानते हैं कि कांग्रेस को रिफंड प्रक्रिया में भूमिका निभानी चाहिए, तो उन्होंने कहा, ‘राष्ट्रपति ट्रंप ने टैरिफ के जरिए वह कर दिखाया, जिसकी बात डेमोक्रेट्स सिर्फ करते रहे। इसलिए स्वाभाविक है कि डेमोक्रेट्स राष्ट्रपति ट्रंप और अमेरिकी जनता को कमजोर करने के लिए सक्रिय हो रहे हैं। यह दयनीय है, लेकिन इसमें हैरानी भी नहीं होनी चाहिए।’

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *