
दरभंगा। भाकपा(माले) के द्वारा राष्ट्रव्यापी अरावली बचाओ,पर्यावरण बचाओ आंदोलन के समर्थन में महानगर कार्यालय मिर्जापुर में पर्यावरण बचाओ,भारत बचाओ गोष्ठी का आयोजन किया गया।गोष्ठी की अध्यक्षता जनसंस्कृति मंच के जिला अध्यक्ष डॉ.रामबाबू आर्य ने किया।गोष्ठी को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के विभिन्न महाविद्यालय के पूर्व प्रधानाचार्य पर्यावरणवादी डॉ.विद्यानाथ झा ने कहा आज की गोष्ठी देश की सबसे जरूरी मुद्दे पर है इसलिए मैं आयोजक का धन्यवाद करना चाहता हूं। उन्होंने कहा जिस अरावली को नष्ट कर विकास की बात की जा रही है वो अरावली 3.2 बिलियन साल पुरानी है और इससे उस इलाके के 4-5 राज्यों के पर्यावरण पर को संतुलन प्राप्त होता है।आज की स्थिति में दिल्ली की हवा जहरीली हो गई है तब वही अरावली दिल्ली के जनता को फेफड़े की तरह सहयोग कर रही है।उन्होंने कहा कि पूंजीपतियों को सहयोग करने के लिए अरावली को नष्ट करना जनता के द्वारा प्राप्त जनसमर्थन के साथ गद्दारी करना है इसे किसी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है।उसका प्रतिकार सड़क पर करने की जरूरत है।उन्होंने कहा कि माननीय सुप्रीम कोर्ट में कल फिर सुनवाई है पर्यावरण मंत्री को आलेख लिखना पर रहा है ये सब चल रही आंदोलन की जीत है और हम उम्मीद करते है कि सुप्रीम कोर्ट निश्चित ही जनता के पक्ष में फैसला देगी और अरावली को नष्ट करने की नीति वापस होगी।उन्होंने कहा कि आज दरभंगा में सारे नदी,पोखर सुख रहे है जल संकट को हम सब ने देखा है लेकिन सरकार और प्रशासन पोखर पर हो रही अवैध कब्जा पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है इसके लिए भी हमें आंदोलन की रूपरेखा तैयार करना चाहिए और हमेशा भाकपा(माले) ने अपना सहयोग पर्यावरण को बचाने के आंदोलन में दिया है आगे भी हम सब मिलकर इस लड़ाई को लड़ेंगे और जीतेंगे। संबोधित करते हुए जन संस्कृति मंच के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ.सुरेंद्र प्रसाद सुमन ने कहा की अपने पूंजीपति मित्रो को आगे बढ़ाने के लिए मोदी – शाह की जोड़ी किसी भी हद तक जा सकती है।उन्होंने कहा कि भागलपुर के पीरपैंती में 1 रुपया के दर से 1050 एकड़ जमीन दे दिया गया और उसमें लगे सारा पेड़ पौधा काट दिया गया।पर्यावरण बचाने का ढोंग करने वाली सरकार देश के जल,जंगल,जमीन,आसमान सब अपने मित्रों के हवाले कर देना चाहती है और जनता को समझा रही है कि देश विश्वगुरु बनने की राह पर है।इससे समझना होगा और जनमानस को इससे अवगत कराना होगा तब ही इस लड़ाई को हम जीत सकते है।
अध्यक्षता करते हुए जन संस्कृति मंच के जिला अध्यक्ष डॉ रामबाबू आर्य ने कहा कि पर्यावरण आज के दौर का प्रमुख सवाल है और इससे बचाने के लिए जनांदोलन की जरूरत है।उन्होंने कहा कि देश के गरीब माध्यम वर्ग ही नहीं पूरा देश को अरावली नष्ट होने से खतरा है। अरावली नष्ट होने से होने वाले खतरा को देखते हुए ही सुप्रीम कोर्ट को दोबारा पुनर्विचार करना पर रहा है।उन्होंने एक बड़ा पर्यावरण बचाओ सम्मेलन करने की बात कही,
शिक्षक कर्मचारी नेता नंदन सिंह ने कहा कि अरावली मामले में 95% नागरिक प्रभावित होगे।इसलिए ये लड़ाई बड़ी है और इस विरोध का अंदाजा उस बात से लगाया जा सकता है कि सोशल मीडिया पर विरोध की वजह से पर्यावरण मंत्री को लेख लिखना पर रहा है लेकिन मामला पर्यावरण मंत्री का नहीं मामला मोदी और शाह का है जो समय के अनुसार किसी भी किए वादे को जुमला ठहरा देता है इसलिए जनसंघर्ष ही एक मात्र रास्ता है इस सरकार को पीछे करने का, गोष्ठी में इंकलाबी नौजवान सभा (आरवाईए) राज्य उपाध्यक्ष संदीप कुमार चौधरी,जिला अध्यक्ष ओणम,जिला सचिव अमित पासवान,कमरे आलम,पप्पू कुमार,अभिषेक कुमार,फतह,मुकेश सहित दर्जनों लोग उपस्थित थे।