पुणे। महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बड़े बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। पुणे से लेकर मुंबई तक यह चर्चा तेज है कि एनसीपी के दो धड़े,शरद पवार और अजित पवार दोबारा साथ आ सकते हैं। हाल के दिनों में स्थानीय स्तर पर हुई बैठकों और नेताओं के बयानों ने इन अटकलों को और मजबूत किया है।
पुणे के पूर्व महापौर दत्ता धनकावड़े के बयान ने राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। उन्होंने दावा किया कि दोनों गुटों के बीच बातचीत पूरी हो चुकी है और जल्द ही आधिकारिक घोषणा हो सकती है। इधर मुंबई में शरद पवार के आवास पर वरिष्ठ नेताओं की बैठक और अजित पवार से हुई फोन पर चर्चा ने संकेत दे दिए हैं कि फैसला अब अंतिम दौर में है।
अगर यह एकता होती है, तो इसका सीधा असर महायुति पर पड़ेगा। या तो शरद पवार का प्रभाव परोक्ष रूप से सत्ता पक्ष में आएगा, या फिर अजित पवार की भूमिका नए सिरे से तय होगी। तीसरी संभावना यह भी मानी जा रही है कि यह तालमेल सिर्फ नगर निगम और स्थानीय चुनावों तक सीमित रहे।
पुणे से उठी यह सियासी आहट अब पूरे महाराष्ट्र में नए राजनीतिक समीकरणों की ओर इशारा कर रही है।
आशुतोष झा
