दिल्ली : दिवाली की रौशनी के साथ-साथ राजधानी दिल्ली की हवा एक बार फिर जहरीली हो गई है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, दिवाली की रात के बाद दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 480 के पार पहुंच गया — जो पिछले पाँच सालों में सबसे खराब स्तर है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार भी “ग्रीन पटाखों” के बावजूद हालात नहीं सुधरे। दिल्ली के कई इलाकों जैसे आनंद विहार, जहांगीरपुरी, आईटीओ, और द्वारका में PM2.5 का स्तर 450–500 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर तक पहुंच गया। यह विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की सुरक्षित सीमा से लगभग 30 गुना अधिक है।
दिल्ली सरकार ने स्थिति को देखते हुए ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) का चौथा चरण लागू कर दिया है। इसके तहत निर्माण कार्यों पर रोक, ट्रकों के प्रवेश पर प्रतिबंध और स्कूलों को ऑनलाइन मोड में ले जाने की संभावना पर विचार किया जा रहा है।
मौसम विभाग (IMD) ने बताया कि हवा की गति कम होने और तापमान गिरने के कारण प्रदूषक कण नीचे की परत में फंसे हुए हैं, जिससे प्रदूषण और बढ़ गया है।
पर्यावरणविदों का कहना है कि जब तक लोगों की भागीदारी नहीं बढ़ेगी और पटाखों पर सख्त अमल नहीं होगा, तब तक दिवाली के बाद हर साल दिल्ली “धुएं के बादल” में डूबती रहेगी।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि इस स्तर का प्रदूषण बच्चों, बुजुर्गों और अस्थमा व हृदय रोगियों के लिए गंभीर खतरा है।
