कामरेड भोगेंद्र झा चौक पर कामरेड भोगेंद्र झा की 102 वी जयंती माल्यार्पण व पुष्प अर्पित कर मनाई गई

अखिल भारतीय मिथिला संघ की ओर से संघ के अध्यक्ष, विनय कुमार झा उर्फ संतोष झा की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में सम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा लोकसभा में सांसद के रूप में यह पहले ऐसे व्यक्ति रहे थे। जिन्होंने मैथिली में शपथ लिए और मिथिला और मैथिली के विकास के लिए सतत् प्रयत्नशील थे। यहां बाढ़ सुखाड़ का स्थाई निदान पर हर समय चर्चा करते थे। मौके पर मुखिया संघ अध्यक्ष, राजीव चौधरी ने कहा कामरेड भोगेंद्र झा हर दल में और हर व्यक्ति के बीच हर समय रहते थे। वे किसी एक जात की राजनीति नहीं करते थे वह जात-पात को नहीं मानते थे। हर समय सर्वहारा वर्ग की बात करते थे सभी लोगों का कैसे विकास हो इस पर चिंतन और मंथन करते थे। आज अगर उनकी बातों पर केंद्र व बिहार सरकार अमल करती तो आज जो बाढ़ और सुखाड़ बिहार में एक अभिशाप बन गया है।
दिनेश गंगानानी ने कहा भोगेन्द्र झा पहले व्यक्ति थे जिनको जीवित में ही गरीबो का भगवान की उपाधि मिल गई। वह दल से ऊपर उठकर कार्य किया करते थे। मुखिया मो तमन्ना ने कहा उनके अधूरे सपनों को हम सभी मिलकर सड़क से सदन तक आवाज उठाकर पूरा करवाने का आज वचन लेते हैं। संघ के उपाध्यक्ष, रामनाथ पंजियार ने कहा वे पांच बार के सांसद रहने के बाबजूद उनके रहने के लिए एक धूर जमीन नहीं था। वे कहते थे कि मालिक बनो नौकर नहीं वे कहते थे कल कारखाना लगाओ, लघु उद्योग खोलें। जिससे अधिक से अधिक लोगों को रोजगार मिल सके और पलायन खत्म हो जाए। मौके पर सम्बोधित करने वालों में संघ के संयुक्त सचिव, पवन कुमार चौधरी, प्रवक्ता, रौशन कुमार झा, सुनील कुमार झा, बालेन्दु झा, आशीष झा, सदानंद झा, जितेंद्र पटेल, कृष्ण कुमार राय, राजू मिश्रा,हुसैन मंसूरी व धन्यवाद ज्ञापन प्रवक्ता रौशन कुमार झा द्वारा किया गया।