डेस्क :राकांपा विधायक प्रकाश सोलंके ने आरोप लगाया है कि मराठा समुदाय से होने के कारण उन्हें महाराष्ट्र सरकार में मंत्री पद से वंचित रखा गया। उन्होंने कहा कि बीड जिले में मराठाओं के मजबूत समर्थन के बावजूद, राकांपा कैबिनेट में ओबीसी समुदाय को प्राथमिकता देती रही है, जबकि पार्टी को मराठाओं ने ही ताकत दी है। यह आरोप उपमुख्यमंत्री अजित पवार के एक बयान के बाद सामने आया है, जिससे राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई हैमहाराष्ट्र में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के विधायक प्रकाश सोलंके ने आरोप लगाया कि मराठा समुदाय से होने के कारण उन्हें नजरअंदाज किया गया और राज्य सरकार में मंत्री पद नहीं दिया गया। माजलगांव से चार बार विधायक चुने गए सोलंके ने रविवार को बीड में पत्रकारों से बातचीत में यह भी दावा किया कि मराठा बीड जिले में राकांपा की ताकत रहे हैं, लेकिन जब समुदाय के किसी सदस्य को कैबिनेट या संरक्षक मंत्री पद देने की बात आती है तो उन्हें नजरअंदाज कर दिया जाता है। वह शुक्रवार को महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और राकांपा प्रमुख अजित पवार के उस बयान पर एक सवाल का जवाब दे रहे थे, जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर पार्टी के नेता और पूर्व मंत्री धनंजय मुंडे उनके खिलाफ ‘‘जांच’’ में निर्दोष पाए जाते हैं, तो उन्हें फिर से ‘‘मौका’’ दिया जाएगा
