डेस्क :अब तक इस देश की किताबों में अकबर-बाबर को महान दिखाया जाता था और पढ़ाया जाता था। हमारे देश का जो असल इतिहास था वो कहीं न कहीं मुगलों के टाइमपीरियड से दवा दिया गया। यही इतिहास इस देश का बना दिया गया। लेकिन अब एनसीईआरटी ने अपनी किताबों में कुछ बदलाव किए हैं। एनसीईआरटी ने कहा है कि इन्होंने जो अच्छे काम किए हैं वो भी पढ़ाए जाएंगे। इसके साथ ही मुगलों ने जो क्रूरता की है वो भी पढ़ाया जाएगा। यानी अकबर सिर्फ महान ही नहीं बताया जाएगा। अब ये भी बताया जाएगा कि महिलाओं को जजिया टैक्स इस देश में देना पड़ता था। लेकिन अब इसको लेकर नया विवाद भी शुरू हो गया है। विपक्ष की राजनीतिक पार्टियां सरकार को इस पर घेर रही हैं और कह रही हैं कि इस तरह के फैसले गलत हैं।
