डेस्क:कर्नाटक की राजनीति में आज एक नए अध्याय की शुरुआत होने जा रही है। कांग्रेस की कर्नाटक इकाई के अध्यक्ष और आठ बार के विधायक डी. के. शिवकुमार बुधवार को बेंगलुरु के राजभवन (लोक भवन) में आयोजित एक समारोह में राज्य के नए मुख्यमंत्री के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ लेंगे। उनके साथ एक छोटा मंत्रिपरिषद भी शपथ ग्रहण करेगा। राज्यपाल थावरचंद गहलोत शाम 4:05 बजे लोक भवन के ऐतिहासिक ‘ग्लास हाउस’ में शिवकुमार को मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाएंगे। इस ताजपोशी के साथ ही दक्षिण भारत में कांग्रेस के सबसे बड़े ‘संकटमोचक’ माने जाने वाले शिवकुमार का वह सपना पूरा होने जा रहा है, जिसके लिए उन्होंने लंबा राजनीतिक संघर्ष किया है। शिवकुमार को 30 मई को कर्नाटक में कांग्रेस विधायक दल का नेता चुना गया था। शिवकुमार को राज्यपाल थावरचंद गहलोत शाम चार बजकर पांच मिनट पर लोक भवन के ‘ग्लास हाउस’ में पद और गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे।
हालांकि कितने मंत्री शपथ लेंगे, यह आधिकारिक रूप से स्पष्ट नहीं है लेकिनसूत्रों के अनुसार 12 से 14 मंत्री शपथ ले सकते हैं। राज्य के शीर्ष राजनीतिक पद पर पहुंचने के साथ ही आठ बार के विधायक डी.के. शिवकुमार अपना वह सपना साकार कर लेंगे जिसके लिए उन्होंने लंबे समय तक राजनीतिक संघर्ष किया। मुख्यमंत्री पद को लेकर उनके और सिद्धरमैया के बीच चले समय तक चले खींचतान का अंत पिछले सप्ताह सिद्धरमैया के मुख्यमंत्री पद छोड़ने के साथ हुआ।
सिद्धरमैया ने पिछले हफ्ते कांग्रेस आलाकमान के निर्देश के तहत मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था और उनके इस कदम से दक्षिण भारत में पार्टी के संकटमोचक माने जाने वाले शिवकुमार के लिए यह पद ग्रहण करने का रास्ता साफ हो गया। मंगलवार देर रात दिल्ली से बेंगलुरु पहुंचने पर शिवकुमार ने पत्रकारों से कहा, ‘‘मंत्री पदों के लिए मीडिया में जो नाम चल रहे हैं, वे आधिकारिक नहीं हैं।
दिल्ली से आलाकमान बुधवार को सुबह 10 बजे या दोपहर तक नामों की सूची भेजेगा, हम चर्चा करेंगे और अपनी राय देंगे, उसके बाद दिल्ली से अंतिम फैसला लेकर मुझे सूची भेजी जाएगी। फिर मैं वह सूची लोक भवन भेजूंगा।’’ उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस भवन के लिए शाम में निर्धारित भूमिपूजन समारोह किसी और दिन होगा। शिवकुमार ने कहा कि शपथ ग्रहण के बाद वह कैबिनेट की एक बैठक की अध्यक्षता करेंगे।

