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दरभंगा : ‘शास्त्र संरक्षण’ के लिए छात्रों से कुलपति ने की अपील

कहा- कक्षा में नियमित रूप से रहें उपस्थित

अभिनवोत्सव कार्यक्रम में सभी ने नवनामांकित छात्रों का किया उत्साहवर्धन

दरभंगा। संस्कृत विश्वविद्यालय के सत्र 2025-26 में नव नामांकित छात्रों के लिए दरबार हाल में गुरु पूर्णिमा के अवसर पर अभिनवोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया। स्नातकोत्तर विभाग एवं म.अ.रमेश्वरलता संस्कृत महाविद्यालय के संयुक्त तत्त्वावधान में आयोजित कार्यक्रम का उद्देश्य यह था कि जो बच्चे नई कक्षाओं में नामांकन कराए हैं उन्हें शास्त्र व विषय वस्तु के बारे में विस्तार से बताया जाय तथा उन्हें यह समझाने का भरपूर प्रयास किया जाय कि वे नियमित रूप से अपने क्लास अटेंड करे। इसी क्रम में उसे अध्ययन व अध्यापन की महत्ता से भी वाकिफ कराया जाय। कार्यक्रम अपने उद्देश्य में पूरी तरह सफल रहा। मौके पर अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो0 लक्ष्मी निवास पांडेय ने कहा कि छात्रों को शास्त्रों की महत्ता समझनी चाहिए। ऐसा करने से उन्हें इसमें अभिरुचि आएगी और तभी वे इसे जानने को उत्सुक होंगे। उन्होंने कहा कि शास्त्रों का संरक्षण जरूरी है और इसमें छात्रों का योगदान अपेक्षित है। यह तभी संभव है जब बच्चे नियमित रूप से अपनी कक्षाओं में उपस्थित होकर विद्वान गुरुओं से इन्हें जानेंगे और समझेंगे। इसलिए छात्रों की दक्षता के लिए उत्साहपूर्वक क्लास में आना जरूरी है। कुलपति ने कहा कि गुरु पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित यह अभिनवोत्सव कार्यक्रम संकल्प लेने का दिवस है ।
वहीं कुलसचिव प्रो0 ब्रजेशपति त्रिपाठी ने कहा कि प्राच्य विद्या के संरक्षण के लिए स्थापित इस विश्वविद्यालय के विकास में छात्रों की महती भूमिका होगी । इसलिए सभी छात्र अनिवार्य रूप से प्रतिदिन वर्ग में उपस्थित होकर ज्ञानार्जन करें । उन्होंने कहा कि बिन गुरु ज्ञान सम्भव नहीं है। यहां के प्रध्यापक विद्वान हैं जिसका लाभ सभी छात्रों को लेना चाहिए। उन्होंने प्रध्यापकों से भी बच्चों को मनोयोग से पढ़ाने- लिखाने की अपील की। ताकि विश्वविद्यालय का नाम और रोशन हो सके। वहीं, धर्मशास्त्र विभागाध्यक्ष प्रो0 दिलीप कुमार झा ने अभिनव कार्यक्रम के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए विश्वविद्यालय की महत्ता को रेखांकित किया। साथ ही उन्होंने गुरु शब्द की व्यापकता को भी प्रकट किया। छात्रकल्याण अध्यक्ष डॉ.शिवलोचन झा ने स्वागत करते हुए नूतन प्रविष्ट छात्रों को अनुशासन का पाठ पढ़ाया ।
प्रो० दयानाथ झा ने वेदव्यास पूर्णिमा की महत्ता बताते हुए नूतन प्रविष्ट छात्रों को वर्ग में आभार अध्ययन करने पर बल दिया ।शुरु शब्द की व्याख्या करते हुए प्रणाम के विभिन्न प्रकारों को भी बताया। वहीं, कुलानुशासक प्रो0 पुरेन्द्र वारीक ने भी सभी बच्चों से नियमित कक्षा में आने को कहा। डॉ. धीरज कुमार पांडेय ने गुरु के प्रति श्रद्धा उत्पन्न करने के विभिन्न पहलुओं से अवगत कराया। डॉ ध्रुव कुमार मिश्र, डॉ अवधेश श्रोत्रिय ने भी कार्यक्रम को सम्बोधित किया।
उक्त जानकारी देते हुए पीआरओ निशिकांत ने बताया कि कार्यक्रम की शुरुआत नटवर मिश्र, गन्धर्व झा, आशीष झा एवं सन्नी झा के वैदिक मंगलाचरण से हुई । कुलगीत विभागीय छात्रा रजनी कुमारी एवं नेहा कुमारी ने प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम का संचालन व संयोजन यूसीएमएस के नोडल पदाधिकारी डॉ.रामसेवक झा एवं धन्यवाद ज्ञापन सीसीडीसी डॉ.दिनेश झा ने किया ।
कार्यक्रम में विकास पदाधिकारी डॉ.पवन कुमार झा, उपकुलसचिव डॉ.सुनील कुमार झा , भूसंपदा पदाधिकारी डॉ.उमेश झा, एनएसएस पदाधिकारी डॉ.सुधीर कुमार झा ,डॉ.रामनिहोरा राय , डॉ.शम्भु शरण तिवारी, डॉ.रितेश चतुर्वेदी, डॉ.यदुवीर शास्त्री, डॉ.साधना शर्मा, डॉ. सविता आर्या, डॉ.ममता पाण्डेय, डॉ.मैथिली कुमारी, डॉ.निशा , डॉ.प्रमोद कुमार मिश्र ,सुशील कुमार झा सहित दर्जनों छात्र-छात्राएं , पदाधिकारी एवं कर्मचारिगण उपस्थित थे। राष्ट्रगान से कार्यक्रम की समाप्ति हुई ।

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