
दरभंगा। बिहार के कुम्हार (प्रजापति) समाज के प्रतिनिधि मंडल पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग,बिहार सरकार के मंत्री, डॉ रामचंद्र प्रसाद से उनके आवास पर मुलाकात कर पाग चादर माला पहनाकर एवं मोमेंटो देकर सम्मानित किया। मौके पर टेराकोटा भवन की जर्जर स्थिति और बनने के बाद आज तक प्रजापति समाज के सुपुर्द नहीं करने सहित अन्य मुद्दों की जानकारी मंत्री को देते हुए सदस्यों ने एक माँग-पत्र दिया।
मंत्री, डॉ रामचंद्र प्रसाद ने कहा प्रजापति समाज के प्रतिनिधि मंडल ने मिलकर अपनी बातो को हमारे समक्ष रखा है। शहर के मौलागंज स्थित टेराकोटा भवन जर्जर स्थिति की जानकारी दी गई। उक्त भवन बनने के कई वर्षों बाद भी आज तक प्रजापति कुमार समाज के सुपुर्द नहीं किया गया। और भवन जगह जगह से टूट प्लास्टर,दीवार,शीशे टूट गए हैं यह भवन बहुत ही जर्जर हो गए हैं। यह विषय हमारे संज्ञान में आज आया है, मैं भरोसा दिलाता हूं। टेराकोटा भवन से संबंधित विषय को पदाधिकारी से बात कर इस गंभीर समस्या का जल्द कोई ना कोई फल निकाला जाएगा।
उन्होंने कहा टेराकोटा भवन को सुरक्षित रखने की जरूरत थी। बहुत ही दुख की बात है उक्त भवन बनने के बाद आज तक प्रजापति समाज के सुपुर्द नहीं किया गया। मौके पर मंत्री से आग्रह करते हुए जिलाध्यक्ष रमेश कुमार पंडित ने कहा आजादी के लगभग 80 वर्षों के बीत जाने के बाद भी कुम्हार समाज सबसे उपक्षित,लाचार,
निःसहाय, कष्टमयी जीवन जीने को विवश है। बिहार के लगभग 40 लाख आबादी वाले कुम्हार समाज आज तक आर्थिक,सामाजिक, शैक्षणिक राजनीतिक रूप से सबसे ज्यादा पिछडा,दबा,कुचला सताया,तिरष्कृत,पीड़ित एवं शोषित इस समाज का कोई भी सदस्य ना तो सांसद है, ना ही राज्यसभा सदस्य, ना विधानसभा,विधान परिषद सदस्य है। जिला सचिव, शम्भू पंडित ने कहा कुम्हार (प्रजापति) जाति का मुख्य पेशा मिट्टी के बर्तन मूर्ति, खिलौने,खपड़े, नारियाँ, टाइल्स,धार्मिक अनुष्ठानों और कर्मकाण्डों मे प्रयोग के वस्तुएँ बनात है। हमारे प्रधानमंत्री के लोकल फॉर वोकल एवं प्रकृति संरक्षण की परिकल्पना में भी कुम्हारों की अहम भूमिका है। इस कला का विकास,प्रशिक्षण नहीं होने,संसाधानों के अभाव,आधुनिक तकनीक ने कुम्हार समाज के पेशा को ही छीन लिया। जिला मिडिया प्रभारी, विवेक कुमार पंडित ने मांग करते हुए कहा माटी कला बोर्ड का जल्द गठन हो,कुम्हार (प्रजापति) जाति को “महादलित जाति में शामिल की जाए,और जनसंख्यानुसार विधान परिषद/राज्यसभा मे
मनोनित कर भेजी जाए, इस अवसर पर प्रतिनिधि मंडल मे जिलाध्यक्ष, रमेश पंडित जिला सचिव,शंभू पंडित, मीडिया प्रभारी विवेक कुमार पंडित, नरेंद्र नारायण नगर अध्यक्ष दरभंगा, अरुण पंडित,प्रखंड अध्यक्ष
सत्यनारायण पंडित,
जय कृष्णा नवीन,
सुरेंद्र नारायण पंडित, परमेश्वर पंडित,बृजमोहन पंडित, अशोक पंडित, संजय पंडित भारद्वाज, रमेश पंडित सहित अन्य मौजूद रहे। कुम्हार जाति एवं इसके कला को बचाने,विकास के लिए मुख्य 22 मांगे मंत्री के समक्ष रखी गई जिसमे
कुम्हार जाति को कुम्हारी उद्योगो,व्यवसाय चलाने के लिए भूमि की बंदोवस्ती की जाए, कुम्हारी व्यवसाय के लिए अनुदानित दर पर ईंधन कोयला / बिजली की आपूर्ति हो, कुम्हारों को अपने व्यवसाय के लिए बाजारों में (बिक्री / उत्पादन) हेतु निःशुल्क जगह आवंटित हो, अपने व्यवसाय हेतु अनुदानित एवं ब्याज मुक्त न्यूनतम 25 लाख रू की पुंजी
दी जाए, बालू/ईंट भट्टों / मिट्टी व्यवसाय के लाइसेंस प्रदान करने में कुम्हार जाति को प्राथमिकता मिले, कुम्हार जाति के प्रत्येक सदस्यों को निःशुल्क 50 लाख रूपया का बीमा उपलब्ध कराई जाए, अनुसूचित जाति के समरूप अत्याचार निवारन सुरक्षा प्रदान की जाए, कुम्हार जाति के महापुरुषों (महराजा दक्ष प्रजापति, रत्नप्पा कुम्हार, संतराम बी.ए. मिंधू कुम्हार आदि) की आदमकद प्रतिमा जिला / प्रमंडल / राज्य मुख्यालय में लगाया जाए, महापुरूषों की जयंतियों को राजकीय दर्जा दी जाए, राज्य के आयोंगों / समिति बार्डो में अध्यक्ष एवं अन्य पदों पर कुम्हार समाज को नामित की जाए, टेंराकोटा उद्योग को कुम्हारों के लिए ही आरक्षित की जाए, दरभंगा शहर के मौलागंज में बने टेराकोटा भवन अविलम्ब कुम्हारों को हस्तगत की जाए, टेराकोटा भवन निर्माण 2019 से 2020 में सामान्य सुबिधा केंद्र टेराकोटा भवन मौलागंज मदारपुर में हो गया था जबकी लाखो की सामग्री चोरी और ख़राब हो गया है। टेराकोटा केंद्र सरकार के योजना के अंतर्गत आता है और वस्त्र मंत्रालय भारत सरकार के अंतर्गत आती है।
प्रत्येक जिला मुख्यालयों में कुम्हार समाज छाञ
प्रजापति भवन की स्थापना हो,छात्राओं के अध्ययन एवं प्रशिक्षण के लिए आवासीय छात्रावास बने, कुम्हार समाज के प्रत्येक इच्छुक सदस्यों को आधुनिक प्रशिक्षण,उपकरण उपलब्ध कराया जाय।
बिहार सरकार उपेंद्र महारथी शिल्प अनुसंधान संस्थान पटना के अंतर्गत में आता है, भवन के आसपास नशेड़ियों व पशुओं का जमावड़ा रहता है।
