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ऑनलाइन नामांकन समय की मांग : कुलपति

कहा- सकारात्मक दृष्टि से लाएं जागृति

कार्यशाला में पोर्टल का हुआ उद्घाटन

दरभंगा। मौजूदा शैक्षणिक दौर में ऑनलाइन नामांकन समेत अन्य प्रक्रियाएं अनिवार्य हो चुकी है। इस मामले में सकारात्मक दृष्टि से छात्रों व खुद में जागृति लानी होगी। उन्हें बताना होगा कि ऑनलाईन नामांकन करना बेहद ही सहज व सुलभ है। वे अपने मोबाईल से भी इस प्रक्रिया को बखूबी सम्पादित कर सकते हैं। सभी विभागाध्यक्षों, अंगीभूत,सम्बद्धता प्राप्त शास्त्री एवं उपशास्त्री महाविद्यालयों (वित्त सहित एवं वित्त रहित) के प्रधानाचार्यों व नामांकन प्रभारियों के लिए आयोजित आनलाइन कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो0 लक्ष्मीनिवास पांडेय ने गुरुवार को उक्त बातें कही। उन्होंने कहा कि ऑनलाईन नामांकन में आने वाली तकनीकी समस्याओं को हमलोग मिलकर हल कर लेंगे।इसके लिए छात्रों को भी आवश्यक मदद की जाएगी। सिर्फ इसके लिए जागरूकता जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि समय रहते ज्यादा से ज्यादा छात्रों का ऑनलाईन नामांकन कराना है। इस ओर विशेष ध्यान देना होगा। उक्त जानकारी देते हुए पीआरओ निशिकान्त ने बताया कि कुलपति ने पोर्टल को क्लिक कर आनलाइन नामांकन का शुभारंभ भी किया। बता दें कि उपशास्त्री 2025-27, शास्त्री 2025-29 एवं आचार्य 2025-27 के लिए 15 मई से आनलाइन नामांकन शुरू हो गया है जो 30 जून तक चलेगा।

पीपीटी प्रजेंटेशन द्वारा दी जानकारी

कार्यशाला के दौरान सभी विभागाध्यक्षों, प्रधानाचार्यों व नामांकन प्रभारियों को पीपीटी प्रजेंटेशन देकर आनलाइन नामांकन प्रक्रियाओं से अवगत कराया गया। बताया गया कि शैक्षिक सत्र 2025-26 में ऑनलाइन नामांकन के लिए आवेदन विश्वविद्यालय के वेबसाईट www.ksdsu.bihar.gov.in एवं पोर्टल (UCMS) के माध्यम से ही किया जाना है। ऑनलाइन आवेदन शुल्क सौ रूपये निर्धारित है जो विश्वविद्यालय खाता में संचित होगा। सुझाया गया कि
नामांकन का ऑनलाइन आवेदन समिट करने के पश्चात तीन प्रिंटेड प्रति निकालकर एक अपने पास एवं दो प्रतियों में हस्ताक्षर कर छात्रों को प्रथम चयनित महाविद्यालय में निर्धारित समय के अन्दर जमा करना होगा। पीआरओ ने बताया कि यदि आवेदन में यदि किसी प्रकार की त्रुटि सुधार करनी हो तो प्रथम चयनित विभाग या महाविद्यालय के विभागाध्यक्ष/प्रधानाचार्य को सप्ताहाभ्यन्तर आवेदन देकर छात्र संशोधित करा सकता है। इसके पश्चात विभागाध्यक्ष / प्रधानाचार्य डैस-बोर्ड के माध्यम से नियमानुसार त्रुटि सुधार कर ऑनलाइन नामांकन आवेदन को स्वीकृति प्रदान करेंगे। साथ ही बताया गया कि विभागाध्यक्ष / प्रधानाचार्य संबंधित छात्रों के नामांकन से संबंधित अभिलेख एवं निर्धारित शुल्क प्राप्त कर अपने विभाग/महाविद्यालय में नामांकन करेंगे। नामांकन पश्चात सप्ताहाभ्यन्तर विभागाध्यक्ष/ प्रधानाचार्य द्वारा प्रतिहस्ताक्षरित ऑनलाइन नामांकन के आवेदन की एक प्रति अध्यक्ष, छात्र कल्याण कार्यालय में जमा करा देंगे। बता दें कि 05 जुलाई तक संशोधन कर आवेदन को स्वीकार किया जा सकता है। इसी क्रम में डीन डॉ.शिवलोचन झा ने कार्यशाला से जुड़े सभी का स्वागत करते हुए आनलाइन नामांकन की प्रक्रियाओं से भी अवगत कराया। सूचना वैज्ञानिक डॉ.नरोत्तम मिश्र ने पीपीटी प्रस्तुत कर फार्म भरने की जानकारी दी।वहीं नामांकन के नोडल पदाधिकारी डॉ.रामसेवक झा ने शैक्षिक सत्र 2025-26 में नामांकन में आने बाली प्रमुख समस्याएं एवं उनके समाधान से अवगत कराया।

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