डेस्क: उत्तर प्रदेश में 11 स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र सीटों के लिए हुए ये चुनाव मतपत्र पर कराए गए इस में भाजपा छह सीटें जीतकर अपनी प्रमुख चुनावी स्थिति बरकरार रखी, जबकि समाजवादी पार्टी ने 5 सीट जीत विधान सभा चुनाव के लिए अच्छे संकेत मान रही है। इस बीच प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य की खूब चर्चा हो रही है। दरअसल, उनकी पत्नी स्मिता मिश्रा चुनाव हार गई हैं। इसे लेकर लोग खूब चुटकी ले रहे हैं। लोगों कह रहे हैं कि दूसरों का भविष्य बताने वाले प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य की पत्नी ही चुनाव हार गईं, चौंकाने वाली बात यह है कि वह केवल 300 वोट ही हासिल कर पाई। सोशल मीडिया पर लोग लिख रहे हैं कि आचार्य इंदु प्रकाश मिश्रा जो दूसरों के भाग्या के बारे में बताते हैं। उन्होंने अपनी पत्नी के बारे में नहीं पता था।
आप को बता दें कि राज्य के मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी ने 2020 के तीन सीटों के अपने प्रदर्शन को बेहतर करते हुए इस बार पांच सीटों पर जीत हासिल की। भाजपा ने सबसे पहले अपने प्रदेश अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री पंकज चौधरी के जरिए कांग्रेस पर निशाना साधा। चौधरी ने 2027 और उसके बाद बैलेट पेपर के जरिए चुनाव कराने की विपक्षी मांग को खारिज करते हुए कहा, “भाजपा ने अपनी सीटें बरकरार रखी हैं। उसका वोट शेयर भी बढ़ा है। बैलेट पेपर की मांग करने वाली पार्टियां चुनाव लड़ने का साहस भी नहीं जुटा सकीं।
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कई बार ईवीएम की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए हैं। 2024 में उन्होंने कहा था कि अगर उनकी पार्टी उत्तर प्रदेश की सभी 80 लोकसभा सीटें भी जीत जाए, तब भी वे इन मशीनों पर भरोसा नहीं करेंगे। यादव का कहना है कि यह बहस तब तक खत्म नहीं होगी, जब तक कि ईवीएम का इस्तेमाल बंद नहीं कर दिया जाता। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को विधान परिषद चुनावों में कांग्रेस के प्रदर्शन को लेकर उस पर तंज कसा। ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में, उन्होंने पूछा कि मत पत्र से हुए चुनावों में पार्टी ने कितनी सीटें जीती हैं।
कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश में विधान परिषद चुनाव नहीं लड़ा था । उत्तर प्रदेश में, सपा ने 11 में से पांच सीटें जीतीं, जबकि भाजपा ने अपनी छह सीटों की संख्या बरकरार रखी। सपा ने इलाहाबाद-झांसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र, वाराणसी शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र, आगरा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र और लखनऊ स्नातक निर्वाचन क्षेत्र समेत अन्य सीटें जीतीं। पार्टी के उम्मीदवार डॉ. मान सिंह यादव और लाल बिहारी यादव ने क्रमशः इलाहाबाद-झांसी स्नातक और वाराणसी शिक्षक क्षेत्र की सीटें बरकरार रखीं, जबकि आकाश अग्रवाल ने सपा के टिकट पर आगरा शिक्षक की सीट जीती।


