दरभंगा 25 सितंबर 2026:- जिला पदाधिकारी -सह- अध्यक्ष, जिला गंगा समिति, दरभंगा कौशल कुमार के निर्देशानुसार “स्वच्छता ही सेवा–2026” अभियान के अंतर्गत जिला गंगा समिति, दरभंगा द्वारा आज एम.एल.एस.एम. कॉलेज, दरभंगा में *ज्ञान एवं रचनात्मक (भाषण, कविता लेखन एवं चित्रकला) प्रतियोगिता* का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में दरभंगा जिले के विभिन्न महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों में अध्ययनरत स्नातक एवं स्नातकोत्तर के 100 से अधिक प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
राष्ट्रगीत एवं राष्ट्रगान के पश्चात कार्यक्रम का उद्घाटन जिला परियोजना पदाधिकारी, जिला गंगा समिति, दरभंगा फारूक इमाम एवं ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के एनएसएस कार्यक्रम समन्वयक डॉ. आर.एन. चौरसिया द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया।
इस अवसर पर गंगा समिति के जिला परियोजना पदाधिकारी फारूक इमाम ने उपस्थित प्रतिभगियों को संबोधित करते हुए कहा स्वच्छता ही सेवा–2026 अभियान के अंतर्गत आयोजित ज्ञान एवं रचनात्मक प्रतियोगिताओं का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं युवाओं को स्वच्छता, नदी एवं जलस्रोत संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा तथा कचरा प्रबंधन जैसे विषयों के प्रति जागरूक एवं संवेदनशील बनाना है। इन प्रतियोगिताओं के माध्यम से प्रतिभागियों को अपनी रचनात्मक प्रतिभा एवं विचारों को भाषण, कविता, चित्रकला एवं अन्य कला माध्यमों से अभिव्यक्त करने का अवसर प्रदान करते हुए स्वच्छता के संदेश को व्यापक जनसमुदाय तक पहुँचाना तथा स्वच्छता को जनभागीदारी और दैनिक व्यवहार का अभिन्न हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित करना है।
उन्होंने बताया की 26 सितंबर को मारवाड़ी कॉलेज में कहानी वाचन, पेपर शिल्प एवं निबंध लेखन; 28 सितंबर को महारानी कल्याणी कॉलेज में रंगोली, कविता पाठ एवं प्लास्टिक शिल्प तथा 29 सितंबर को चन्द्रधारी संग्रहालय में एकल अभिनय, लोक गान एवं लोक नृत्य की परियोगिता का भी आयोजन किया गया है।
उन्होंने बताया कि सभी प्रतियोगिता में सफल प्रतिभागियों को 02 अक्टूबर को होने वाले कार्यक्रम में पुरस्कृत किया जाएगा।
ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के एनएसएस कार्यक्रम समन्वयक डॉ. आर.एन. चौरसिया ने अपने संबोधन में युवाओं की सहभागिता की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और स्वच्छता के संदेश को व्यापक स्तर पर प्रसारित करते हैं। उन्होंने कहा कि स्वच्छता केवल हमारे आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह स्वस्थ जीवन, स्वच्छ पर्यावरण और बेहतर समाज की आधारशिला है। स्वच्छता को दैनिक जीवन की आदत के रूप में अपनाकर ही स्वच्छ एवं स्वस्थ समाज का निर्माण किया जा सकता है। उन्होंने युवाओं से स्वयं स्वच्छता के प्रति सजग रहने के साथ-साथ अपने परिवार एवं समुदाय के लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में उपस्थित सभी प्रतिभागियों एवं दर्शकों ने जल स्रोतों की स्वच्छता एवं संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। आयोजित प्रतियोगिताओं के माध्यम से विद्यार्थियों को स्वच्छता, जल संरक्षण, नदियों एवं जल स्रोतों के संरक्षण तथा पर्यावरणीय जागरूकता जैसे विषयों पर अपनी रचनात्मकता एवं विचार व्यक्त करने का अवसर प्रदान किया गया।
प्रतियोगिता के दौरान प्रतिभागियों के लिए विषय स्पॉट पर ही निर्धारित किए गए। कविता लेखन का विषय “प्लास्टिक मुक्त भारत”, भाषण प्रतियोगिता का विषय “स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण” तथा चित्रकला प्रतियोगिता का विषय “प्लास्टिक मुक्त पर्यावरण” रहा। इन विषयों के माध्यम से प्रतिभागियों ने प्लास्टिक प्रदूषण के दुष्प्रभावों, स्वच्छता के महत्व एवं पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता पर अपनी रचनात्मक सोच और विचारों को अभिव्यक्त किया।
कार्यक्रम के सफल संचालन में निर्णायक मंडल के रूप में डॉ. आर.एन. चौरसिया, डॉ. सुजीत साफी, डॉ. सुप्रिता शालिनी, डॉ. संगीता कुमारी एवं डॉ उमेश कुमार ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कार्यक्रम का संचालन अक्षय कुमार झा द्वारा किया गया। इसके अतिरिक्त, कार्यक्रम के सफल आयोजन में पूजा कुमारी, संजीव कुमार, मणिकांत ठाकुर, नायनप्रिया, अंशु प्रिया, पार्थ कुमार आदि का विशेष योगदान रहा।


