दरभंगा

एकात्म मानववाद और अंत्योदय के विचारों को आत्मसात कर भारत को परम वैभव की ओर ले जाना हम सभी का संकल्प : मृत्युंजय कुमार झा

दरभंगा संसदीय कार्यालय में पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर आयोजित हुआ कार्यक्रम, कार्यकर्ताओं ने उनके विचारों को आत्मसात करने का लिया संकल्प

दरभंगा, 25 सितंबर। एकात्म मानववाद के प्रणेता, महान राष्ट्रचिंतक एवं भारतीय जनसंघ के पूर्व अध्यक्ष पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की जयंती के अवसर पर आज दरभंगा संसदीय कार्यालय में भारतीय जनता पार्टी के जिला के प्रमुख कार्यकर्ताओं द्वारा श्रद्धापूर्वक कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष श्री अभयनंद जी ने की।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बिहार प्रदेश से आए मुख्य अतिथि मृत्युंजय कुमार झा ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी का जीवन राष्ट्र के प्रति समर्पण, त्याग, तपस्या और वैचारिक प्रतिबद्धता का अनुपम उदाहरण है। उन्होंने भारतीय राजनीति को केवल सत्ता प्राप्ति का माध्यम नहीं माना, बल्कि इसे राष्ट्र निर्माण और समाज के अंतिम व्यक्ति के उत्थान का साधन बनाया।

उन्होंने कहा कि पंडित दीनदयाल जी का एकात्म मानववाद भारतीय संस्कृति और जीवन-दर्शन की मौलिक दृष्टि पर आधारित है। उनका चिंतन मनुष्य को केवल आर्थिक इकाई के रूप में नहीं देखता, बल्कि शरीर, मन, बुद्धि और आत्मा के समन्वित स्वरूप के रूप में स्वीकार करता है। भारतीय जीवन पद्धति में वर्णित धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष—पुरुषार्थ चतुष्टय के संतुलित और मर्यादित पालन के माध्यम से व्यक्ति के साथ-साथ समाज और राष्ट्र के समग्र विकास की उनकी परिकल्पना थी।

उन्होंने कहा कि आज जब भारत विश्व पटल पर तेजी से अपनी नई पहचान बना रहा है, तब पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के विचार और भी अधिक प्रासंगिक हो गए हैं। अंत्योदय, अर्थात समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास और कल्याण का लाभ पहुंचाना, उनके चिंतन का मूल आधार था।

श्री झा ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी का वैचारिक चिंतन पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के इसी विचार से प्रेरित है कि राष्ट्र की प्रगति तभी सार्थक होगी, जब समाज का अंतिम व्यक्ति भी विकास की मुख्यधारा से जुड़े। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चल रही अनेक जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास की नीतियों में अंत्योदय की इसी भावना को प्राथमिकता दी जा रही है।

उन्होंने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी ने भारत को अपनी भारतीय संस्कृति, ज्ञान परंपरा, स्वदेशी दृष्टि और आत्मनिर्भरता के आधार पर परम वैभव तक पहुंचाने का सपना देखा था। आज भारतीय जनता पार्टी के प्रत्येक कार्यकर्ता का दायित्व है कि वह उनके विचारों को केवल पुस्तकों और भाषणों तक सीमित न रखे, बल्कि अपने आचरण और सामाजिक कार्यों के माध्यम से उसे जन-जन तक पहुंचाए।

कार्यक्रम में दरभंगा के सांसद श्री गोपाल जी ठाकुर ने भी पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के जीवन, संघर्ष और राष्ट्र के प्रति उनके योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि पंडित दीनदयाल जी का संपूर्ण जीवन कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनका जीवन हमें सादगी, संगठन के प्रति समर्पण, राष्ट्र प्रथम की भावना और समाज के कमजोर वर्गों के प्रति संवेदनशीलता की सीख देता है।

श्री ठाकुर ने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे पंडित दीनदयाल जी के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने के साथ-साथ संगठन को और अधिक मजबूत बनाने तथा समाज और राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का पूरी निष्ठा से निर्वहन करने का संकल्प लें।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जिला उपाध्यक्ष श्री अभय आनंद जी ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनका जीवन भारतीय राजनीति में शुचिता, सिद्धांत और राष्ट्रनिष्ठा का आदर्श प्रस्तुत करता है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से उनके विचारों को अपने जीवन में उतारने का आह्वान किया।

कार्यक्रम का संचालन जिला महामंत्री श्री सुजीत मल्लिक जी ने किया, जबकि श्री विकास कुमार जी ने धन्यवाद ज्ञापन किया।

इस अवसर पर भाजपा के जिला एवं मंडल स्तर के प्रमुख पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में पार्टी के कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी और एकात्म मानववाद, अंत्योदय तथा भारत को परम वैभव की ओर ले जाने के संकल्प को आगे बढ़ाने का प्रण लिया।

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