डेस्क: सावन माह (Sawan Month) के दौरान ग्रह-नक्षत्रों की चाल में महत्वपूर्ण बदलाव होने जा रहे हैं। वैदिक ज्योतिष (Vedic Astrology) के अनुसार 2 अगस्त 2026 को राहु (Rahu) अपने वर्तमान शतभिषा नक्षत्र से निकलकर मंगल के स्वामित्व वाले धनिष्ठा नक्षत्र (Dhanishtha Nakshatra) में प्रवेश करेंगे। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार राहु के इस नक्षत्र परिवर्तन का प्रभाव सभी राशियों पर पड़ेगा, लेकिन चार राशियों के लिए यह समय विशेष रूप से शुभ माना जा रहा है।
धनिष्ठा नक्षत्र के स्वामी मंगल हैं, जिन्हें साहस, ऊर्जा, भूमि और पराक्रम का कारक ग्रह माना जाता है। ऐसे में राहु का इस नक्षत्र में प्रवेश कुछ लोगों के लिए आर्थिक लाभ, करियर में उन्नति और नए अवसर लेकर आ सकता है।
मेष राशि
मेष राशि के स्वामी मंगल होने के कारण राहु का धनिष्ठा नक्षत्र में प्रवेश शुभ परिणाम दे सकता है। आय के नए स्रोत बनने की संभावना है और आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है। लंबे समय से रुके कार्य पूरे होने के योग बनेंगे। नया व्यवसाय या निवेश शुरू करने वालों के लिए भी समय अनुकूल माना जा रहा है।
मिथुन राशि
मिथुन राशि के जातकों को भाग्य का साथ मिलने की संभावना है। विदेश यात्रा, विदेशी कारोबार या दूरस्थ क्षेत्रों से जुड़े कार्यों में लाभ मिल सकता है। नौकरीपेशा लोगों के लिए पदोन्नति और वेतन वृद्धि के संकेत हैं। सामाजिक प्रतिष्ठा और प्रभाव भी बढ़ सकता है।
तुला राशि
तुला राशि वालों को संपत्ति और निवेश से लाभ मिलने के योग बन रहे हैं। जमीन, मकान या वाहन खरीदने की योजना पूरी हो सकती है। पुराने निवेश से अच्छा रिटर्न मिलने की संभावना है और प्रतिस्पर्धात्मक क्षेत्रों में सफलता मिल सकती है।
कुंभ राशि
धनिष्ठा नक्षत्र का संबंध कुंभ राशि से भी माना जाता है। इस दौरान आत्मविश्वास में वृद्धि होगी और करियर में नई उपलब्धियां मिल सकती हैं। तकनीक, शोध और मीडिया क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए समय अनुकूल रह सकता है। लंबे समय से अटका धन वापस मिलने की भी संभावना जताई गई है।
राहु के शुभ प्रभाव के लिए पारंपरिक उपाय
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार राहु के सकारात्मक प्रभाव को बढ़ाने के लिए कुछ उपाय किए जा सकते हैं-
– शनिवार को पक्षियों को बाजरा या सप्तधान्य खिलाएं।
– प्रतिदिन “ॐ रां राहवे नमः” मंत्र की एक माला का जाप करें।
– भगवान शिव का जलाभिषेक करें और शिवलिंग पर काले तिल अर्पित करें।

