डेस्क: अमेरिकी ई-कॉमर्स कंपनी eBay को पत्रकारों के कथित उत्पीड़न से जुड़े एक चर्चित मामले में भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। कंपनी ने अदालत (US court) में हुए समझौते के तहत 56 मिलियन डॉलर का भुगतान करने पर सहमति जताई है। यह मामला उन आरोपों से जुड़ा है, जिनमें कहा गया था कि कंपनी के कर्मचारियों ने आलोचनात्मक रिपोर्टिंग रोकने के लिए एक पत्रकार दंपत्ति को डराने-धमकाने की संगठित कोशिश की थी।
समझौते के तहत eBay को न सिर्फ आर्थिक मुआवजा देना होगा, बल्कि यह भी स्वीकार करना पड़ा कि उसके कर्मचारियों ने पत्रकारों के साथ अनुचित और उत्पीड़नपूर्ण व्यवहार किया था।
48.7 मिलियन डॉलर मुआवजा, 7 मिलियन डॉलर दान
करीब छह साल तक चले कानूनी विवाद के बाद अदालत ने eBay को पत्रकार दंपत्ति डेविड स्टाइनर और इना स्टाइनर को 48.7 मिलियन डॉलर का मुआवजा देने तथा लगभग 7 मिलियन डॉलर की राशि दान करने का आदेश दिया।
अदालत ने कंपनी को भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचने की चेतावनी भी दी। वहीं, इस प्रकरण में शामिल eBay के सात पूर्व कर्मचारियों को दोषी ठहराया गया और उन्हें जेल की सजा सुनाई गई।
आखिर क्या था पूरा मामला?
यह विवाद वर्ष 2019 में शुरू हुआ था। डेविड और इना स्टाइनर ई-कॉमर्स से जुड़े न्यूजलेटर EcommerceBytes का संचालन करते हैं। उनकी वेबसाइट पर eBay की नीतियों और कामकाज पर लगातार आलोचनात्मक रिपोर्टें प्रकाशित होती थीं।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, इन्हीं रिपोर्टों से नाराज होकर eBay के कुछ कर्मचारियों ने दंपत्ति को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने की योजना बनाई।
जिंदा कॉकरोच से लेकर डराने वाले पार्सल तक
जांच में सामने आया कि पत्रकार दंपत्ति को डराने के लिए उनके घर जिंदा कॉकरोच, मकड़ी, सुअर के चेहरे वाला हैलोवीन मास्क और अन्य विचलित करने वाले सामान भेजे गए। इसके अलावा उनकी निगरानी करने और लगातार परेशान करने के भी आरोप लगे।
अभियोजकों का कहना था कि इन हरकतों का मकसद पत्रकारों को डराकर eBay के खिलाफ आलोचनात्मक रिपोर्टिंग बंद कराना था।
कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों पर भी उठे सवाल
जांच के दौरान यह मामला केवल निचले स्तर के कर्मचारियों तक सीमित नहीं रहा। आरोपों में कंपनी के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों, जिनमें तत्कालीन मुख्य संचार अधिकारी (Chief Communications Officer) भी शामिल थे, के नाम भी सामने आए। हालांकि बाद की कानूनी प्रक्रिया में अलग-अलग अधिकारियों की जिम्मेदारी और भूमिका पर अलग-अलग कार्रवाई की गई।
समझौते से पहले भी नहीं बनी थी बात
रिपोर्टों के मुताबिक, वर्ष 2024 में eBay ने करीब 30 मिलियन डॉलर देकर मामला सुलझाने की कोशिश की थी, लेकिन स्टाइनर दंपत्ति इस प्रस्ताव पर राजी नहीं हुए।
उनका कहना था कि वे केवल आर्थिक मुआवजा नहीं चाहते, बल्कि चाहते हैं कि पूरा मामला सार्वजनिक रहे ताकि भविष्य में किसी पत्रकार के साथ ऐसा व्यवहार दोबारा न हो।
पत्रकार दंपत्ति ने क्या कहा?
इना स्टाइनर ने समझौते के बाद कहा कि उन्होंने और उनके पति ने शुरू से ही यह तय किया था कि इस मामले को गोपनीय नहीं रखा जाएगा।
उनके अनुसार, पारदर्शिता पत्रकारिता की मूल जिम्मेदारी है और यदि इस मामले को सार्वजनिक किया जाता है तो भविष्य में बड़ी कंपनियों को भी यह संदेश जाएगा कि आलोचनात्मक रिपोर्टिंग को दबाने के लिए डराने-धमकाने के तरीके अपनाने की कीमत चुकानी पड़ सकती है।
कॉर्पोरेट जगत के लिए बड़ा संदेश
यह मामला अमेरिका में कॉर्पोरेट जवाबदेही और प्रेस की स्वतंत्रता से जुड़े महत्वपूर्ण मामलों में गिना जा रहा है। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला स्पष्ट संकेत देता है कि किसी भी कंपनी को पत्रकारों या आलोचकों को धमकाकर चुप कराने की कोशिश करने पर गंभीर कानूनी और आर्थिक परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।

