बिहार

बिहार : पूर्वी चंपारण में चोरी की बाइक के दो गिरोहों का भंडाफोड़, 28 मोटरसाइकिल बरामद, 12 आरोपी गिरफ्तार

डेस्क:बिहार की पूर्वी चंपारण पुलिस ने चोरी की मोटरसाइकिलों के अवैध कारोबार के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए दो अलग-अलग मामलों में संगठित गिरोहों का भंडाफोड़ किया है। चिरैया और शिकारगंज थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में कुल 28 चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद की गई हैं, जबकि 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने बताया कि आरोपी चोरी की बाइक के इंजन और चेचिस नंबर बदलकर, फर्जी पंजीकरण और जाली दस्तावेज तैयार कर उन्हें कम कीमत पर बेचते थे। पुलिस के अनुसार, चिरैया थाना क्षेत्र में गुप्त सूचना के आधार पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, सिकरहना के नेतृत्व में गठित टीम ने छापेमारी कर आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनके कब्जे से 21 मोटरसाइकिलें बरामद हुईं। पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि चोरी की मोटरसाइकिलों के मूल इंजन और चेचिस नंबर मिटाकर उन पर फर्जी नंबर पंच किए जाते थे। इसके बाद उसी नंबर के आधार पर नकली नंबर प्लेट और जाली कागजात तैयार कर बाइक को वैध दिखाया जाता था। गिरोह के सदस्य दस्तावेज नहीं होने का बहाना बनाकर इन मोटरसाइकिलों को 25 से 30 हजार रुपए में बेच देते थे। इसी तरह शिकारगंज थाना पुलिस ने एक अन्य सूचना पर कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया और उनके पास से सात चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद कीं।
जांच में सामने आया कि गिरोह के सदस्य फर्जी पंजीकरण, बदले हुए इंजन और चेचिस नंबर के जरिए चोरी की मोटरसाइकिलों का क्रय-विक्रय करते थे। पूछताछ के आधार पर पुलिस ने गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान भी शुरू कर दी है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। दोनों मामलों में संबंधित थानों में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। बरामद मोटरसाइकिलों के वास्तविक मालिकों का पता लगाने के लिए उनके मूल इंजन और चेचिस नंबर का तकनीकी सत्यापन कराया जा रहा है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस नेटवर्क के तार अन्य जिलों अथवा राज्यों से जुड़े हैं या नहीं।
मोतिहारी के पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से कहा, “यह पूर्वी चंपारण पुलिस की अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई में से एक है। दोनों मामलों में कुल 28 चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद की गई हैं और 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। प्रारंभिक जांच में यह एक संगठित गिरोह का नेटवर्क प्रतीत हो रहा है, जो फर्जी इंजन एवं चेचिस नंबर, जाली पंजीकरण और कागजात तैयार कर चोरी की मोटरसाइकिलों की खरीद-बिक्री करता था। गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा रही है और जल्द ही पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा।”

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