नई दिल्ली: भारत सरकार भारतीय वायुसेना की ताकत बढ़ाने के लिए फ्रांस से 114 नए राफेल फाइटर जेट खरीदने की तैयारी में जुट गई है। इस रक्षा सौदे को देश के सबसे बड़े सैन्य समझौतों में से एक माना जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस डील की अनुमानित कीमत करीब 3.25 लाख करोड़ रुपये हो सकती है।
सूत्रों के अनुसार, इस परियोजना के तहत सिर्फ विमान खरीदने पर ही नहीं बल्कि भारत में रक्षा उत्पादन को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया जाएगा। बताया जा रहा है कि करीब 90 राफेल लड़ाकू विमान भारत में ही “मेक इन India” पहल के तहत तैयार किए जा सकते हैं। इससे देश की रक्षा निर्माण क्षमता मजबूत होगी और हजारों लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है।
राफेल फाइटर जेट अपनी आधुनिक तकनीक, लंबी दूरी तक हमला करने की क्षमता और एडवांस हथियार सिस्टम के लिए दुनिया भर में जाना जाता है। भारतीय वायुसेना पहले से ही राफेल विमानों का इस्तेमाल कर रही है और इन्हें चीन तथा पाकिस्तान सीमा पर रणनीतिक रूप से बेहद अहम माना जाता है।
रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि नए राफेल जेट शामिल होने के बाद भारतीय वायुसेना की ताकत कई गुना बढ़ जाएगी। इससे दुश्मन देशों की गतिविधियों पर नजर रखने और किसी भी चुनौती का तेजी से जवाब देने में मदद मिलेगी।
सरकार का मानना है कि इस डील से भारत को सिर्फ सैन्य मजबूती ही नहीं मिलेगी, बल्कि देश को रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी बड़ा फायदा होगा।
आशुतोष झा

