डेस्क: साहेबगंज अंचल की बिशुनपुर पट्टी पंचायत के वार्ड संख्या 11 और 12 में तिरहुत कैनाल डिवीजन के 48 आरडी के पास नहर का बांध अचानक टूट जाने से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

गांवों में फैला नहर पानी
बांध टूटते ही 387 से 450 क्यूसेक की गति से बह रहा पानी तेजी से आसपास के रिहाइशी इलाकों में फैलने लगा। इससे सैकड़ों घर पूरी तरह जलमग्न हो गए और लोगों को अपने मकान छोड़कर सड़कों पर शरण लेनी पड़ी।
दलित बस्ती में गहराया संकट
इस आपदा का सबसे ज्यादा असर सेमरा नन्हकार गांव और स्थानीय दलित बस्ती पर पड़ा है। घरों में पानी घुसने से लोगों के अनाज, कपड़े, घरेलू सामान, ईंधन की लकड़ियां और बच्चों की पढ़ाई की किताबें पानी में बह गईं व भीगकर बर्बाद हो गईं।
धान की फसल हुई तबाह
बीपट्टी पंचायत के अलावा पहाड़पुर मनोरथ पंचायत तक नहर का पानी पहुंच गया है। इस जलजमाव की वजह से करीब 200 एकड़ में लगी धान की रोपनी और बिचड़ा पूरी तरह डूब चुका है तथा खेतों में चार-चार फीट तक पानी भर गया है।
घटना की सूचना मिलते ही अंचलाधिकारी पिंकी राय, जल संसाधन विभाग के अधीक्षण अभियंता अजय कुमार सिंह, कार्यपालक अभियंता राजेश कुमार और सहायक अभियंता मनीष कुमार ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।
65 फीट चौड़ा हुआ कटाव
अधिकारियों के अनुसार, नहर के तटबंध में लगभग 65 फीट का बड़ा कटाव हुआ है। कटाव को भरने और बांध की मरम्मत का काम युद्धस्तर पर शुरू कर दिया गया है ताकि पानी के बहाव को जल्द से जल्द रोका जा सके।

बांध काटने की आशंका व्यक्त
जल संसाधन विभाग के सहायक अभियंता ने अंदेशा जताया है कि बांध स्वतः टूटा नहीं है, बल्कि इसे किसी के द्वारा काटा गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए कनीय अभियंता अविनाश कुमार ने जेसीबी से बांध काटने और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है।
मुआवजे का मिला आश्वासन
अंचलाधिकारी पिंकी राय ने बताया कि जिन परिवारों के घरों में पानी घुसा है और जिन्हें नुकसान पहुंचा है, उन्हें नियमानुसार क्षतिपूर्ति दी जाएगी। वहीं, ग्रामीणों ने भविष्य की सुरक्षा के लिए तटबंध की स्थायी मरम्मत की मांग की है।

