डेस्क: भारत (India) में महिलाओं (Women) की स्वास्थ्य और स्वच्छता को लेकर बड़ा बदलाव लाने वाले सोशल एंटरप्रेन्योर अरुणाचलम मुरुगनाथम (Arunachalam Muruganantham) एक बार फिर सुर्खियों में हैं। ‘पैडमैन’ (Pad Man) के नाम से मशहूर मुरुगनाथम ने दावा किया है कि उन्हें साल 2026 के नोबेल शांति पुरस्कार (Nobel Peace Prize) के लिए नामांकित किया गया है।
तमिलनाडु के एक छोटे से गांव से निकलकर वैश्विक पहचान बनाने तक का उनका सफर प्रेरणादायक माना जाता है। उनके जीवन पर आधारित कहानी को पैडमैन फिल्म के जरिए बड़े पर्दे पर दिखाया गया था, जिसमें अक्षय कुमार ने उनका किरदार निभाया था।
नामांकन को लेकर क्या बोले मुरुगनाथम?
इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए मुरुगनाथम ने बताया कि शुरुआत में उन्हें इस पर यकीन नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि नोबेल पुरस्कार के लिए कोई भी व्यक्ति खुद अपना नाम नहीं भेज सकता, बल्कि यह किसी तीसरे पक्ष द्वारा ही नामांकित किया जाता है। उनके मुताबिक, पुडुचेरी के अरविंद आई हॉस्पिटल के एक डीन और वहां कार्यरत अमेरिकी टीमों ने उनका नाम भेजा, जिसे 24 घंटे के भीतर स्वीकार कर लिया गया।
नोबेल शांति पुरस्कार 2026 की रेस
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, साल 2026 के नोबेल शांति पुरस्कार के लिए दुनिया भर से कुल 287 नामांकन हुए हैं। इनमें 208 व्यक्ति और 79 संगठन शामिल हैं। ऐसे में मुरुगनाथम का इस सूची में शामिल होना उनके काम के वैश्विक प्रभाव को दर्शाता है। हालांकि, अंतिम चयन प्रक्रिया काफी जटिल और प्रतिस्पर्धी होती है।
कैसे होता है चयन?
नोबेल समिति नामांकन के बाद विशेषज्ञों की राय लेती है और उम्मीदवारों के काम का गहन मूल्यांकन किया जाता है। इसमें शोध पत्र, लेख और अन्य दस्तावेजों की विस्तार से जांच होती है, ताकि पुरस्कार सही व्यक्ति या संस्था को मिल सके।
कौन हैं अरुणाचलम मुरुगनाथम?
अरुणाचलम मुरुगनाथम तमिलनाडु के एक सामाजिक कार्यकर्ता हैं, जिन्होंने ग्रामीण भारत में महिलाओं को सस्ते और सुरक्षित सैनिटरी पैड उपलब्ध कराने के लिए जीवन समर्पित कर दिया। उन्होंने कम लागत वाली मशीन विकसित की, जिससे पैड बनाना आसान हुआ और हजारों महिलाओं की जिंदगी में बदलाव आया।
फिल्म के जरिए पहुंची कहानी घर-घर तक
उनकी इस प्रेरक यात्रा को निर्देशक आर. बाल्की ने फिल्म पैडमैन के रूप में प्रस्तुत किया। 2018 में रिलीज हुई इस फिल्म में अक्षय कुमार के साथ राधिका आप्टे और सोनम कपूर भी अहम भूमिकाओं में नजर आई थीं। फिल्म ने समाज में सैनिटरी पैड्स को लेकर जागरूकता बढ़ाने के साथ राष्ट्रीय पुरस्कार भी जीता था। आज वही असली ‘पैडमैन’ वैश्विक मंच पर भारत का नाम रोशन करने की दिशा में एक और बड़ा कदम बढ़ा चुके हैं।

