डेस्क: पश्चिम बंगाल (West Bengal) विधानसभा चुनाव (assembly elections) के नतीजे 4 मई यानी आज आएंगे. वोटों की गिनती शुरू हो चुकी है. यहां हम आपको भवानीपुर और नंदीग्राम विधानसभा की स्थिति के बारे में बताने जा रहे हैं. इस सीट पर सीट पर तृणमूल कांग्रेस (TMC) से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी उम्मीदवार हैं. उनके अलावा भारतीय जनता पार्टी (BJP) से शुभेंदु अधिकारी मैदान में हैं.
भवानीपुर: ममता बनर्जी का अजेय किला
दक्षिण कोलकाता का यह एलीट इलाका मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का घर माना जाता है. 2011 में सत्ता परिवर्तन के बाद से TMC यहां कभी नहीं हारी है.
इतिहास: 1951 से अब तक यहां 12 चुनाव हुए हैं. सिद्धार्थ शंकर रे जैसे दिग्गज भी यहां से जीत चुके हैं.
ममता का रिकॉर्ड: 2011 के उपचुनाव में ममता बनर्जी ने यहां 54,213 वोटों से जीत दर्ज की थी. हालांकि 2021 के मुख्य चुनाव में उन्होंने नंदीग्राम का रुख किया था, लेकिन उपचुनाव में वापस भवानीपुर आकर प्रियंका टिबरेवाल को 58,835 वोटों के रिकॉर्ड अंतर से हराया.
वोटर प्रोफाइल: यहां लगभग 21.80% मुस्लिम मतदाता हैं. यह पूरी तरह शहरी सीट है जहां एलीट क्लास और मध्यम वर्गीय परिवारों का मिला-जुला प्रभाव है.
नंदीग्राम: आंदोलनों की धरती और सत्ता का केंद्र
हल्दी नदी के किनारे बसा नंदीग्राम 2007 के भूमि अधिग्रहण विरोधी आंदोलन के बाद से बंगाल की राजनीति का ‘एपिकेंटर’ रहा है.
2021 का महामुकाबला: पिछले चुनाव में ममता बनर्जी और शुभेंदु अधिकारी के बीच यहां ऐतिहासिक मुकाबला हुआ था, जिसमें शुभेंदु अधिकारी ने महज 1,956 वोटों से ममता बनर्जी को शिकस्त दी थी.
रणनीतिक महत्व: 2024 के लोकसभा चुनावों में भाजपा ने यहां से 8,200 वोटों की बढ़त हासिल की थी, जो शुभेंदु अधिकारी के मजबूत होते प्रभाव को दर्शाता है.
वोटर प्रोफाइल: यहां ग्रामीण मतदाता 96.65% हैं. मुस्लिम आबादी करीब 23.60% है और अनुसूचित जाति के मतदाता 16.46% हैं. यहां की उपजाऊ जमीन और मत्स्य पालन स्थानीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं.
क्या बदलेगा इतिहास?
नंदीग्राम में जहां भाजपा आत्मविश्वास से भरी है, वहीं टीएमसी अपनी हार का बदला लेने के लिए पूरी ताकत झोंक रही हैण् भवानीपुर में ममता बनर्जी की वफादारी उनके वोटरों के साथ अटूट दिखती है, लेकिन भाजपा यहां भी सेंध लगाने की कोशिश में है.

