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दिल्ली में बिहार के युवक की हत्या पर जन सुराज पार्टी के नेता, डॉ. शोएब खान ने जताया गहरा रोष डॉ शोएब खान ने पूछा सवाल आखिर कब तक अपनी पहचान के कारण जान गंवाते रहेंगे हम बिहारी

दरभंगा। जब बिहार और बिहारी की

बात आती है तो दूसरे प्रदेश में

अपनी जीविका चलाने वाले बिहारी की मान सम्मान दोनों से खिलवाड़ किया जाता है। डॉ शोएब खान ने पूछा सवाल आखिर कब तक अपनी पहचान के कारण जान गंवाते रहेंगे हम बिहारी एक बिहारी होने की अस्मिता पर अगर चोट पहुंचती है तो हम करोड़ों बिहारीयों की आत्म सम्मान जागृत हो जाती है। बीते दिनों दिल्ली जैसे प्रदेश जो हमारे देश की राजधानी कही जाती है में नाम

और पता पूछकर दिल्ली पुलिस

द्वारा गोली मार दी जाती है। मामले

को लेकर दरभंगा जनसुराज पार्टी

के बैनर तले डॉ सुहैब अख्तर खान

ने मोर्चा खोल दिया है। बताते चले

कि जन सुराज पार्टी के सलाहकार

समिति के सदस्य, डॉ, शोएब

अहमद खान ने दिल्ली के द्वारका

(जाफरपुर कलां) में बिहार के

खगड़िया निवासी 21 वर्षीय युवक

पांडव कुमार की दिल्ली पुलिस

के एक हेड कांस्टेबल द्वारा गोली

मारकर हत्या किए जाने की घटना

पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की

है। उन्होंने इस घटना को केवल

एक अपराध नहीं, बल्कि प्रवासी

बिहारियों की पहचान और उनकी

सुरक्षा पर एक गंभीर प्रहार बताया

है। डॉ० खान ने अत्यंत भावुक

और कड़े शब्दों में कहा, “यह

अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक

है आज भी एक बिहारी को दूसरे राज्यों में अपनी पहचान के कारण हिंसा का शिकार होना पड़ा। ये सब क्या हो रहा क्यों हो रहा है आखिर कब तक बिहार के युवाओं को रोजगार और बेहतर भविष्य की तलाश में प्रदेश से बाहर जाकर क्या इसी तरह से आगे भी अपनी जान गंवानी होगी ?” उन्होंने इस बात पर जोर देते हुए कहा की देश के भीतर ही प्रांतवाद की यह गहरी खाई समाज के लिए घातक साबित

हो रही है। डॉ शोएब ने कहा विभाजन के दौर भारत-पाकिस्तान

बंटवारे के बाद लोगों ने सोचा था सांप्रदायिक दंगे और नफरत

का अंत होगा। लेकिन आज स्थिति

यह है एक ही समाज एक ही देश के लोग एक दूसरे के खून के प्यासे हो रहे हैं। उन्होंने कहा आज दुनिया को

बारूद और बंदूक की नहीं, बल्कि

आपसी प्रेम, संवेदना और भाईचारे

की जरूरत है। किसी निहत्थे युवक

पर कानून के रख वाले का गोली

चलाना व्यवस्था की विफलता, संवेदनहीनता की पराकाष्ठा को दर्शा रहा है। उन्होंने कहा न्याय की मांग है

केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस

प्रशासन से की दोषी हेड कांस्टेबल के खिलाफ त्वरित एवं सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके। उन्होंने बिहार सरकार से अपील किया की दूसरे राज्यों में रह रहे बिहारियों की सुरक्षा के लिए एक ठोस तंत्र विकसित किया जाए जिससे भविष्य में किसी और ‘पांडव कुमार’ को अपनी पहचान की कीमत जान देकर न चुकानी पड़े।

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