
दरभंगा। साइकलिस्ट सुमन को भेंट की गई डेढ़ लाख की रेसिंग साइकिल। मानव सेवा समिति के तत्वावधान में व उज्ज्वल
कुमार कुमार के संयोजकत्व में लक्ष्मीश्वर पब्लिक लाइब्रेरी के सभागार में आयोजित रेसिंग साइकिल उपहार प्रदान समारोह में सुंदरपुर, नवटोलिया निवासी सुमन कुमार को माँ श्यामा मन्दिर न्यास समिति के उपाध्यक्ष, प्रो. जयशंकर
झा तथा होली मेरी इंटरनेशनल स्कूल के चेयरमैन शिक्षाविद डॉ. शिवकिशोर राय के सौजन्य से
पुणे से मंगवाई गई रेसिंग साइकिल उपहार में दिया गया। मुख्य अतिथि संदीप विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. समीर वर्मा ने चाय विक्रेता लक्ष्मी प्रसाद यादव व ललिता देवी
के पुत्र सुमन कुमार की हौसला अफजाई करते हुए कहा रेसिंग साइकिल मिलने के बाद अब पूरी लगन व मेहनत के साथ आगे बढ़ने
के लिए उसे निरंतर प्रयास करने की आवश्यकता है। अति विशिष्ट अतिथि दरभंगा एयरपोर्ट के निदेशक डॉ. दिलीप कुमार ने उज्ज्वल कुमार के संयोजन की सराहना करते हुए साइकलिस्ट सुमन कुमार को व्यक्तिगत स्तर व अन्य माध्यमों से आर्थिक मदद का वचन दिया गया।
डॉ. मित्रनाथ झा ने प्रो. जयशंकर झा व डॉ. शिवकिशोर राय की मानव सेवा के प्रति निरंतर प्रतिबद्धता को सतत धरातल पर उतारे जाने की बात को विरल बताया। रेसिंग साइकिल प्रदाता डॉ. शिवकिशोर राय ने इस संपूर्ण अभियान को सुचारु रूप से इस मुकाम तक लाने का श्रेय उज्ज्वल कुमार को देते हुए विश्वास व्यक्त किया अंतर्राष्ट्रीय साइकलिस्ट जालालुद्दीन सादर आमं सुमन आर
मानव सेवा: की तर्ज पर सुमन कुमार को भी सफलता के नित नए कीर्तिमान स्थापित करने में कामयाबी मिलेगी। सेंट जेवियर्स पब्लिक स्कूल के निदेशक रिंकू झा ने कहा जलालुद्दीन की तरह सुमन को भी आर्थिक मदद पहुँचाते रहेंगे ताकि इस खिलाडी को डाइट व समुचित प्रशिक्षण मिल सके। डॉ. आर. बी. खेतान ने भी इस साइकलिस्ट को यथासंभव आर्थिक मदद व
निःशुल्क चिकित्सकीय परामर्श उपलबद्ध कराने का आश्वसान दिया।
संस्कृत विश्वविद्यालय स्नातकोत्तर
साहित्य विभागाध्यक्ष डॉ. संतोष कुमार पासवान के मंगलाचरण से प्रारंभ हुए इस कार्यक्रम में स्वागत भाषण लाइब्रेरी के सचिव तरुण मिश्रा ने किया। डॉ. मुकेश प्रसाद निराला,पवन कुमार यादव, अभिषेक कुमार झा सहित अन्य ने संबोधित किया। संचालन के क्रम में संयोजक उज्ज्वल कुमार ने रेसिंग साइकिल प्रदाता, प्रो. जयशंकर झा और डॉ. शिवकिशोर राय के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए कहा
सुमन कुमार को साइकिल तो मिल गई है परंतु इसके लिए पोषक आहार प्रशिक्षण आदि की व्यवस्था के लिए समाज के सक्षम लोगों को भी आगे आने की आज जरूरत है। समापन डॉ. ललन झा के धन्यवाद ज्ञापन के साथ सम्पन्न हुई।
