
दरभंगा। अखिल भारतीय मिथिला संघ दरभंगा के तत्वाधान में भोगेंद्र झा चौक पर प्रियंका झा के नेतृत्व में बिहार के डीजीपी विनय कुमार के द्वारा दिए गए ब्यान के विरोध में डीजीपी का पुतला दहन किया गया। लोगो ने अपना विरोध दर्ज कराते हुए इसे वापस लेने को कहा है। किसी भी पुलिसकर्मी द्वारा ड्यूटी के दौरान टीका लगाकर आना और हाथ में किसी भी तरह का रक्षा धागा या सूत्र बांधने पर पाबंदी लगाई गई है। जिसका विरोध करते हुए लोगों ने इसका पुरजोर विरोध किया है और इसे तुगलक को फरमान बताया। यह पतला दहन विगत दिनों पुलिस महकमा में इस फरमान से लोगों में आक्रोश देखा जा रहा है और अपने अपने स्तर से इसका विरोध कर रहे हैं और इसे वापस लेने का आगरा किया गया है, वही मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को इस पर संज्ञान लेते हुए जल्द तुगलक की फरमान को वापस लिया जाए मांग किया गया है। पुलिस कर्मियों के द्वारा चंदन , टीका ड्यूटी के दौरान नहीं लगाएंगे और महिलाएं मेकअप नहीं करेंगे इस तरह के फरमान से सनातन धर्म संस्कृति का विरोध इस तरह का फरमान दर्शाता है। शिशिर झा ने कहा यह सनातन विरोधी निर्णय है। जिसे अभिलंब वापस लेना चाहिए। समाजसेवी , प्रियंका झा ने कहा डीजीपी को बिहार में बेटियों के साथ हो रही जुल्म अन्याय नहीं दिख रहा और इस तरह का अनाप-शनाप निर्णय कर रहे हैं। कल होकर विवाहित महिलाओं को सिंदूर लगाने से भी मना किया जा सकता है, मांग करते हैं। और ऐसे डीजीपी को अभिलंब बर्खास्त करना चाहिए। संघ के अध्यक्ष, विनय कुमार झा उर्फ संतोष झा ने कहा यह लोगों के भावनाओं के साथ खिलवार है राज्यहित में और कई मुद्दे हैं जिसे करना चाहिए भ्रष्टाचार अपराध पर नियंत्रण के लिए काम करना चाहिए। आर के दत्ता ने कहा इस तरह का निर्णय किसी भी धर्म पर उसके आजादी पर औ पाबंदी नहीं लगाई जा सकती है। धर्म और आस्था पर इस तरह का फरमान जारी करना कहीं से उचित नहीं है। मुख्यमंत्री को जल संज्ञान में लेकर इसे वापस लेने के लिए कहा जाना चाहिए। पुतला दहन कार्यक्रम के पहले भूपेंद्र झा चौक से आयकर चौक तक परिक्रमा की गई फिर पुतला दहन किया गया। इस अवसर पर छात्र युवा नेता दीपक झा, रौशन कुमार झा, गिरधर गोपाल, रामनाथ पंजियार, राजीव झा ,बालेंदु झा बाला, राहुल झा, दिनेश गंगनानी , आनंद ठाकुर, जितेंद्र मिश्रा, मानव झा सहित दर्जनों लोग उपस्थित थे।
