डेस्कः यूनाइटेड किंगडम की सरकार ने इंग्लैंड के स्कूलों में स्मार्टफोन के इस्तेमाल को लेकर एक बड़ा और कड़ा फैसला लिया है। अब तक स्कूलों में मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर जो पाबंदियां केवल एक सुझाव के तौर पर लागू थीं, सरकार अब उन्हें कानूनी रूप देने की तैयारी कर रही है। इस ऐतिहासिक कदम का मुख्य उद्देश्य बच्चों की भलाई और क्लासरूम में पढ़ाई के माहौल को बेहतर बनाना है।
कानूनी ताकत से मिलेगा नियमों को बढ़ावा
सरकार ‘चिल्ड्रन्स वेलबीइंग एंड स्कूल बिल’ (Children’s Wellbeing and Schools Bill) में संशोधन के जरिए इस नए कानून को लागू करेगी। हालांकि, इंग्लैंड के लगभग सभी प्राइमरी और ज्यादातर सेकेंडरी स्कूल पहले से ही अपने स्तर पर मोबाइल फोन पर रोक लगा चुके हैं, लेकिन इस नए कानून के आने से इन नियमों को कानूनी ताकत मिलेगी और पूरे देश में एक समान नीति लागू हो सकेगी। इससे नियमों को लेकर किसी भी प्रकार का भ्रम नहीं रहेगा।
क्यों जरूरी हुआ यह फैसला?
बीबीसी (BBC) की एक रिपोर्ट और शिक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, स्मार्टफोन बच्चों का ध्यान भटकाने का सबसे बड़ा कारण बन रहे हैं। सोशल मीडिया और गेमिंग की लत की वजह से छात्र क्लासरूम में अपना फोकस खो देते हैं, जिससे उनके सीखने की गुणवत्ता और प्रदर्शन पर सीधा असर पड़ता है। सरकार का मानना है कि इस प्रतिबंध से छात्र अपनी पढ़ाई पर अधिक ध्यान केंद्रित कर पाएंगे।
कैसे लागू होंगे नियम और क्या होगी छूट?
स्कूलों में इन नियमों को सख्ती से लागू करने के लिए छात्रों के फोन को लॉकर्स में रखने या खास तरह के पाउच में सील करने जैसी व्यवस्थाएं की जाएंगी। हालांकि, प्रस्तावित कानून में कुछ विशेष परिस्थितियों के लिए छूट का भी प्रावधान है, जैसे मेडिकल जरूरतें या फिर ‘सिक्स्थ फॉर्म’ के बड़े छात्रों के लिए सीमित अनुमति दी जा सकती है।
राजनीतिक दलों का मिला समर्थन
इस फैसले का विभिन्न राजनीतिक दलों ने स्वागत किया है और इसे छात्रों के व्यवहार में सुधार लाने वाला कदम बताया है। हालांकि, कुछ नेताओं ने यह सुझाव भी दिया है कि इस बदलाव को पूरी तरह सफल बनाने के लिए स्कूलों को अतिरिक्त फंड और संसाधनों की आवश्यकता होगी।

