
दरभंगा : बिहार के राज्यपाल सह कुलाधिपति लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन (सेवानिवृत्ति) के द्वारा ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा के विश्वविद्यालय वनस्पति विज्ञान विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ अंकित कुमार सिंह, इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी मंडी, हिमाचल प्रदेश के विपेन्द्र कुमार सिंह तथा बीएचयू, वाराणसी की डा नेहा गर्ग द्वारा संपादित ‘पौधों से प्राप्त कैंसर रोधी औषधियाँ’ नामक पुस्तक का वाणिज्य विभाग के जुबिली हॉल में आयोजित पांच दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में विमोचन किया। यह पुस्तक कैंसर की वर्तमान स्थिति, कृत्रिम औषधियों की सीमाओं और कैंसर उपचार में पादप-व्युत्पन्न अणुओं की क्षमता पर चर्चा करती है। इसमें जैव-अपघटनीय नैनो और क्वांटम डॉट-आधारित सामग्रियों जैसे विभिन्न दृष्टिकोणों पर प्रकाश डाला गया है जो पादप-व्युत्पन्न अणुओं की चिकित्सीय प्रभावकारिता को बढ़ाते हैं, जिससे उनकी घुलनशीलता, प्रयोज्यता, लक्ष्य-विशिष्ट वितरण और समग्र प्रभावकारिता में सुधार होता है। यह पुस्तक कैंसर के इलाज में सिंथेटिक दवाओं के प्रीक्लिनिकल/क्लिनिकल उपयोग, उनकी कार्यप्रणाली, परिणाम, सीमाओं और भविष्य के परिदृश्य पर चर्चा करती है। यह FDA-अनुमोदित प्रमुख दवाओं और उनके उत्तरजीविता परिणामों का विश्लेषण करती है। साथ ही कैंसर चिकित्सा में पादप-आधारित अणुओं की वर्तमान भूमिका और चुनौतियों की समीक्षा करती है। पौधों से प्राप्त कैंसर रोधी दवाएँ इस विषय पर एक संपूर्ण और अद्यतन संदर्भ ग्रंथ है जो प्राकृतिक उत्पाद रसायनज्ञों, औषधीय रसायनज्ञों, जैव रसायनज्ञों और शिक्षाविदों एवं उद्योग जगत के कैंसर शोधकर्ताओं के लिए आदर्श है। यह पुस्तक नैनो तकनीक, पादप रसायन विज्ञान, औषध विज्ञान, कैंसर विज्ञान और विष विज्ञान का अध्ययन कर रहे स्नातक और स्नातकोत्तर छात्रों के लिए भी उपयोगी है। यह अमेरिका के न्यू जर्सी के विश्व प्रसिद्ध प्रकाशक ‘विलेय एण्ड सन्स’ द्वारा प्रकाशित है, जिसका आईएसबीएन- 9781394 300563 है जो अमेजॉन पर भी उपलब्ध है।

डॉ अंकित ने बताया कि इस पुस्तक में कुल 14 चैप्टर से हैं जो देश के प्रसिद्ध विषय विशेषज्ञों या उनके समूह द्वारा तैयार किए गए हैं। कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार कैंसर वैश्विक स्तर पर मृत्यु का एक प्रमुख कारण है जो 2020 में लगभग हर छह में से एक मौत या लगभग 10 मिलियन मौतों के लिए जिम्मेदार था। सबसे अधिक निदान किए जाने वाले कैंसर कोलन, प्रोस्टेट, ब्रेस्ट, मलाशय और फेफड़े के हैं। कैंसर की घटना और मृत्यु दर दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है। ग्रंथ लोकार्पण पर डॉ अंकित को उनके सहयोगियों, परिचितों ने बधाई एवं शुभकामनाएं दी।

