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नागपुर में TCS जैसा कांड, महिला कर्मी ने सुनाई NGO की हैरानी भरी कहानी

डेस्क: नासिक टीसीएस जैसा महाराष्ट्र में कथित धर्मांतरण और यौन शोषण का एक और मामला सामने आया है. नागपुर में वंचित बच्चों के लिए काम करने वाले एक NGO पर धर्मांतरण और महिलाओं के यौन शोषण के आरोप लगे हैं. एनजीओ में एचआर हेड के तौर पर काम करने वाली एक 23 वर्षीय महिला इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई है, जिसके बाद पुलिस ने NGO के अध्यक्ष रियाज फाजिल काजी को गिरफ्तार कर लिया है.

एनजीओ में HR हेड के तौर पर काम करने वाली महिला ने रियाज फाजिल पर युवतियों के कथित यौन शोषण, धार्मिक दबाव और साइबर स्टॉकिंग के आरोप लगाए हैं. इस मामले की जांच महाराष्ट्र एटीएस भी कर रही है. मानकापुर थाने में शनिवार देर रात महिला ने शिकायत दर्ज कराई. शिकायत में आरोपी पर कई बार अनुचित व्यवहार करने, जबरन शारीरिक नजदीकी बनाने की कोशिश और मानसिक दबाव डालने के आरोप लगाए गए हैं. महिला का कहना है कि नौकरी खोने के डर से वह लंबे समय तक विरोध नहीं कर सकी.

शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि आरोपी ने एक दिन महिला को अपने केबिन में बुलाकर बिना सहमति के गले लगाया और आपत्तिजनक टिप्पणी की. इसके अलावा, CCTV कैमरे बंद कर निजी तौर पर मिलने और नजदीकियां बढ़ाने की कोशिश करने जैसे आरोप लगाए हैं. महिला ने यह भी कहा कि आरोपी उसके निजी जीवन की जानकारी जुटाने की कोशिश करता था और विरोध करने पर आक्रामक हो जाता था. वह करीब दो साल से महिला के साथ ऐसा कर रहा था.

रियाज फाजिल पर साइबर स्टॉकिंग के आरोप भी लगे हैं. शिकायत के अनुसार, आरोपी ने महिला कर्मचारियों और वॉलंटियर्स की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए फर्जी इंस्टाग्राम अकाउंट बनाया था. इसके अलावा कुछ कर्मचारियों पर धार्मिक रीति-रिवाजों का पालन करने का दबाव भी डालता था, जिससे असहज होकर कई कर्मचारी नौकरी छोड़ चुके हैं.

पुलिस का कहना है कि इस मामले में अब तक तीन महिलाओं ने औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है और आने वाले दिनों में और पीड़ित सामने आ सकते हैं. आरोपी को कोर्ट पेश किया गया, जहां से उसे 23 अप्रैल तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है. आरोपी यूनिवर्सल मल्टीपर्पज सोसायटी नामक संस्था भी चलाता है. इसके अलावा आरोपी फिकर फाउंडेशन और पढ़े हम पढ़ाए हम नाम से संस्थाएं भी संचालित करता है.
पुलिस NGO की गतिविधियों, फंडिंग और अन्य संभावित कनेक्शनों की भी जांच कर रही हैं. करीब 2010 से सक्रिय यह संस्था शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में काम करने का दावा करती रही है. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मामले की जांच कई स्तरों पर जारी है.

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