
दरभंगा। कई राज्य में हो रहे चुनाव की रैलियों में विपक्ष को नीचा दिखाने के लिए महिला आरक्षण बिल लाया गया डॉ मुन्ना खान ने बताया 2023 में जब यह बिल लोकसभा में के पटेल पर लाया गया तब उसे व्यक्ति से सर्वसम्मति से पास क्यों नहीं कराया, जिन्होंने हाथरस में कुछ नहीं किया जिन्होंने उन्नाव में कुछ नहीं किया,जिन्होंने मणिपुर में कुछ नहीं किया,जिन्होंने महिला पहलवानों के लिए कुछ नहीं किया, जिन्होंने बिहार के निट छात्रा मामलों में कुछ नहीं किया,एप्सटीन फ़ाइल में जिनके गुणगान है वो महिला बिल लाएंगे क्या? उन्होंने कहा महिला आरक्षण विधेयक की आड़ में संविधान बदलने के गलत इरादे से लाए गए संविधान संशोधन बिल का लोकसभा में गिरना प्रमाणित करता है बहुमत के बल पर आप जनभावना का गला घोंट, संवैधानिक मर्यादाओं को तार-तार कर, परिसीमन के नाम पर विपक्षी दलों के अधिकारों और क्षेत्रीय संतुलन को बिगाड़ना चाहते हैं।संविधान संशोधन बिल का गिरना दर्शाता है कि बिना सर्वदलीय आम सहमति और देश व्यापी विमर्श के, चालाकी से, अपने मन से राजनीतिक जल्दबाजी में लाए गए इस विधेयक के पक्ष में एनडीए सरकार के पास ठोस नैतिक और संवैधानिक तर्क भी नहीं थे। पहले से ही सर्वसम्मति से पारित “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” को पुन: संशोधन के लिए विशेष संसद सत्र बुलाकर उसे पेश करना केवल और केवल विभिन्न राज्यों में हो रहे विधानसभा चुनावों में राजनीतिक लाभ के लिए किया गया एक निम्नस्तर का पाखंड, प्रपंच और प्रोपेगेंडा है।
