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ओडिशा के विकास में अदानी ग्रुप का बड़ा निवेश, ₹33,000 करोड़ की परियोजनाओं की शुरुआत

डेस्क: अदानी ग्रुप ने ओडिशा में तीन बड़ी परियोजनाओं की शुरुआत की है। इसके तहत, पहला, भुवनेश्वर इंफो वैली में डेटा सेंटर के लिए ₹800 करोड़ का निवेश किया जाएगा। इससे लगभग 200 प्रत्यक्ष रोजगार पैदा होंगे जो राज्य को डिजिटल इकोनॉमी में मजबूती देगा। दूसरा, कटक के पास थर्मल पावर प्लांट के लिए ₹30,181 करोड़ का निवेश होगा। इससे करीब 7,000 रोजगार पैदा होंगे जो राज्य में ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करेगा। तीसरा, कटक के पास सीमेंट मैन्युफैक्चरिंग यूनिट के लिए ₹2,100 करोड़ का निवेश होगा। यह 2,500 रोजगार पैदा करेगा जो इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को नई गति देगा। अदानी पोर्ट्स एंड SEZ लिमिटेड के प्रबंध निदेशक, करण अदानी ने इस बात की घोषणा की।

करण ने इस मौके पर कहा कि 570 किलोमीटर लंबी तटरेखा, विशाल खनिज संपदा, प्रचुर जल संसाधन और युवा कार्यबल, इन सबके बल पर राज्य सरकार ने 2036 तक 500 अरब डॉलर और 2047 तक 1.5 खरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य रखा है। इसी विजन और राज्य सरकार की स्पष्ट नीतियों पर भरोसा करते हुए अदानी ग्रुप ने ओडिशा में तीन बड़ी परियोजनाओं की शुरुआत की है।

इन तीनों परियोजनाओं के जरिए कुल ₹33,081 करोड़ का निवेश होगा और लगभग 9,700 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे। यह निवेश सिर्फ परियोजनाएं नहीं हैं, बल्कि ओडिशा के उज्ज्वल भविष्य में विश्वास का प्रतीक हैं। कंपनी का कहना है कि वह यहां एक निवेशक नहीं, बल्कि एक साझेदार के रूप में काम कर रही है। राज्य सरकार के सहयोग और स्पष्ट नीतियों के कारण ओडिशा आज औद्योगिक विकास का नया केंद्र बन रहा है। आने वाले समय में भारत की औद्योगिक प्रगति में इस राज्य की भूमिका और भी महत्वपूर्ण होने की उम्मीद है। करण ने कहा कि यह स्पष्ट है कि आज जो नींव रखी जा रही है, वह आने वाले समय में ओडिशा को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी—और यह विकास राज्य के लोगों के साथ मिलकर, उनके लिए किया जाएगा।

करण ने कहा कि मैं पहली बार उत्कर्ष 2025 के लिए ओडिशा आया था, लेकिन हर बार यहां से लौटते हुए खुद को इस राज्य के और करीब पाता हूं। आपकी गर्मजोशी, स्पष्ट दृष्टि और ओडिशा के भविष्य को लेकर आपका आत्मविश्वास यह दर्शाता है कि यह राज्य सिर्फ बदलाव के दौर में नहीं है, बल्कि अपने लक्ष्य को भली-भांति जानता है। ओडिशा एक ऐसा प्रदेश है जिसने इतिहास की दिशा बदलने वाले क्षण दुनिया को दिए। कलिंग की धरती पर, दया नदी के किनारे, सम्राट अशोक ने अपने ही विजय के बाद पश्चाताप किया था। यहीं से ‘धम्म’ की वह विचारधारा निकली जिसने सदियों तक एशिया और दुनिया को प्रभावित किया।

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