अंतरराष्ट्रीय

सीजफायर वाले पाक PM शहबाज शरीफ के पोस्ट पर उठे सवाल, किसका कॉपी-पेस्ट है?

डेस्क: ईरान (Iran) और यूएस-इजरायल (US-Israel) के बीच चल रही जंग कुछ दिनों के लिए थम गई है. मिडिल-ईस्ट जंग के सीजफायर का ऐलान पाकिस्तान (Pakistan) के प्रधानमंत्री (PM) शहबाज शरीफ (Shehbaz Sharif) ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए किया. मंगलवार को पाकिस्तानी  प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ का वह संदेश नए विवाद में घिर गया, जिसमें उन्होंने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से ईरान को खत्म करने वाली अपनी धमकियों को रोकने की अपील की थी. सोशल मीडिया पर लोगों ने दावा किया कि इस अपील का शुरुआती ड्राफ्ट पाकिस्तान के बाहर की किसी संस्था ने तैयार किया था, जिससे इस पूरे मामले पर और सवाल उठने लगे.

शहबाज शरीफ़ के सोशल मीडिया पोस्ट का एक ड्राफ़्ट, जिसे मंगलवार को पहले पोस्ट किए गए फ़ाइनल वर्जन से एक मिनट पहले अपडेट किया गया था, उसके ऊपर यह मैसेज लिखा था: “ड्राफ़्ट: X पर पाकिस्तान के PM का मैसेज.”

ड्रॉप साइट सबस्टैक के संस्थापक रयान ग्रिम ने कहा कि यह मैसेज शायद शहबाज शरीफ़ ने खुद नहीं लिखा था, उन्होंने इसकी वजह यह बताई कि उनका अपना स्टाफ़ उन्हें ‘पाकिस्तान के PM’ कहकर संबोधित नहीं करेगा. मुमकिन है कि यह पोस्ट अमेरिका या इज़रायल में से किसी एक ने लिखा होगा.

तेल संकट से बेहाल पाकिस्तान, जनता में गुस्सा

अन्य यूज़र्स ने यह सवाल उठाया कि शुरुआती पोस्ट में यह क्यों संकेत दिया गया था कि वह एक ड्राफ़्ट है और उसमें प्रधानमंत्री का ज़िक्र अंग्रेज़ी में क्यों किया गया था. इससे यह समझ आता है कि यह मैसेज पाकिस्तानी अधिकारियों ने नहीं लिखा था.

ईरान जंग से जुड़े बड़े अपडेट्स

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि वह ईरान के साथ दो हफ़्ते के सीज़फ़ायर के लिए सहमत हो गए हैं. इससे स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ के फिर से खुलने के बदले, अमेरिका और इज़रायल के हमलों को कुछ समय के लिए रोकने का रास्ता साफ़ हो गया है.

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची का कहना है कि तेहरान ने भी इस युद्धविराम को मान लिया है. उन्होंने यह भी कहा कि इन दो हफ़्तों के दौरान स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ से सुरक्षित गुज़रना, ईरानी सेना के तालमेल से ही मुमकिन हो पाएगा.
सीज़फ़ायर समझौते में मध्यस्थता करने वाले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ का कहना है कि ईरान और अमेरिका के बीच हुआ यह समझौता लेबनान और दूसरी जगहों पर भी लागू होगा और यह तुरंत असरदार होगा. उन्होंने इस बात की भी पुष्टि की कि ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में शुरू होगी.
दर्जनों डेमोक्रेटिक सांसदों ने ईरान के प्रति ट्रंप की धमकी भरी भाषा की कड़ी निंदा की है. सीज़फ़ायर समझौते के ऐलान के बावजूद, उन्होंने ट्रंप को उनके पद से हटाने की मांग की है.
गौर करने वाली बात है कि सीज़फ़ायर के ऐलान के बाद, अमेरिका में तेल की कीमतें 17 फीसदी से भी ज़्यादा गिर गईं, जबकि जापान और दक्षिण कोरिया के बड़े शेयर बाज़ार मज़बूती के साथ खुले.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *