डेस्क: मध्य पूर्व में जारी भारी उथल-पुथल के बीच सोमवार को संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की धड़कन कहे जाने वाले दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के करीब एक बड़े ड्रोन हमले से हड़कंप मच गया। प्राप्त विवरण के अनुसार, एक आत्मघाती ड्रोन सीधे ईंधन टैंक (Fuel Tank) से जा टकराया, जिसके बाद जोरदार धमाका हुआ और आसमान में धुएं का गुबार छा गया। इस भीषण प्रहार के बाद इलाके में भयंकर आग लग गई, जिसे बुझाने के लिए दुबई सिविल डिफेंस की कई टीमों को मोर्चा संभालना पड़ा।
राहत की बात यह रही कि इतनी बड़ी घटना के बावजूद किसी भी व्यक्ति के हताहत होने या घायल होने की खबर नहीं है। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर पूरे इलाके को सील कर दिया है और बचाव अभियान अब भी जारी है। दुबई मीडिया ऑफिस ने सोशल मीडिया के जरिए इस बात की पुष्टि की है कि स्थिति अब नियंत्रण में है और लपटों पर काबू पा लिया गया है।
सुरक्षा के कड़े घेरे में हवाई अड्डा, उड़ानें ठप
इस हमले की गंभीरता को देखते हुए दुबई सिविल एविएशन अथॉरिटी ने तत्काल प्रभाव से एयरपोर्ट की सभी उड़ानों को सस्पेंड कर दिया है। हजारों यात्रियों और कर्मचारियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यह फैसला लिया गया कि जब तक सुरक्षा जांच पूरी नहीं हो जाती, कोई भी विमान न तो उड़ान भरेगा और न ही लैंड करेगा। इस अचानक लगी रोक के कारण टर्मिनल पर मौजूद हजारों मुसाफिरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अधिकारियों ने यात्रियों से धैर्य रखने और अपनी एयरलाइंस के साथ लगातार संपर्क में रहने की अपील की है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि चप्पे-चप्पे की तलाशी और पूरी सुरक्षा सुनिश्चित होने के बाद ही हवाई यातायात को फिर से बहाल किया जाएगा।
ईरान की आक्रामकता और UAE की चुनौती
मिडिल ईस्ट में बढ़ते इस संकट के बीच ईरान ने अपनी सैन्य रणनीति को बेहद आक्रामक बना दिया है। आंकड़ों के अनुसार, मौजूदा तनाव शुरू होने के बाद से अब तक ईरान की ओर से संयुक्त अरब अमीरात पर 1800 से अधिक मिसाइलें और घातक ड्रोन दागे जा चुके हैं। यूएई इस समय क्षेत्र का सबसे संवेदनशील निशाना बन गया है, जहां ईरान न केवल अमेरिकी संपत्तियों बल्कि एयरपोर्ट, बंदरगाह और तेल भंडारों जैसे नागरिक ठिकानों को भी लगातार निशाना बना रहा है। हालांकि, यूएई के अत्याधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम ने अधिकांश हमलों को नाकाम किया है, लेकिन आज की घटना ने सुरक्षा विशेषज्ञों के सामने नई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। दुनिया के इस प्रमुख वित्तीय और पर्यटन केंद्र पर हो रहे इन हमलों ने वैश्विक व्यापार और पर्यटन क्षेत्र में भी चिंता की लहर पैदा कर दी है।
अब तक कितना हुआ नुकसान
UAEके रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी जानकारी के मुताबिक, इस संघर्ष में अब तक कुल छह लोगों की जान जा चुकी है। मृतकों में चार आम नागरिक शामिल हैं, जबकि दो सैन्य कर्मियों की मौत एक हेलीकॉप्टर दुर्घटना के दौरान हुई थी, जिसे तकनीकी खराबी का परिणाम बताया गया था। मिडिल ईस्ट की यह जंग अब धीरे-धीरे रिहायशी और व्यावसायिक इलाकों की दहलीज तक पहुंच गई है, जिससे आम जनता में डर का माहौल बना हुआ है। अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान के शीर्ष नेतृत्व पर किए गए हमलों के बाद तेहरान ने भी अपनी जवाबी कार्रवाई में काफी तेजी ला दी है। अब पूरी दुनिया की नजरें खाड़ी क्षेत्र के इस घटनाक्रम पर टिकी हैं कि आने वाले समय में शांति और सुरक्षा के लिए क्या कूटनीतिक कदम उठाए जाएंगे।
