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बच्चों की सुरक्षा के लिए मजबूत कानून और जागरूकता जरूरी, पीड़ित बच्चों को न्याय और संरक्षण देना सरकार की प्राथमिकता : डॉ. धर्मशीला गुप्ता

दरभंगा। बिहार भाजपा प्रदेश महिला मोर्चा की अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद डॉ. धर्मशीला गुप्ता ने राज्यसभा में “लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण (संशोधन) विधेयक, 2024” पर चर्चा के दौरान कहा कि बच्चों की सुरक्षा केवल कानून का विषय नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के भविष्य से जुड़ा गंभीर दायित्व है। किसी बच्चे के साथ होने वाला लैंगिक अपराध केवल एक व्यक्ति के खिलाफ नहीं, बल्कि पूरे समाज की आत्मा पर आघात होता है। इसलिए बच्चों की सुरक्षा को लेकर उठाए जाने वाले हर कदम का स्वागत किया जाना चाहिए। डॉ. गुप्ता ने कहा निजी सदस्य के इस विधेयक में जिन सुधारों की बात कही गई है, उनमें से कई पहल केंद्र सरकार पहले ही लागू कर चुकी है। उन्होंने बताया कि पीड़ित बच्चों को आर्थिक सहायता और पुनर्वास उपलब्ध कराने के लिए सरकार ने पीड़ित प्रतिकर योजना को मजबूत किया है और निर्भया फंड के माध्यम से राज्यों को सहायता दी जा रही है। बच्चों के खिलाफ अपराधों की रोकथाम के लिए स्कूलों में जागरूकता अभियान, “गुड टच–बैड टच” कार्यक्रम, पुलिस और न्यायिक अधिकारियों के लिए संवेदनशीलता प्रशिक्षण तथा डिजिटल माध्यमों से व्यापक जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। राज्यसभा सांसद ने कहा मोदी सरकार ने वर्ष 2019 में कानून में संशोधन कर बच्चों के साथ जघन्य अपराध करने वालों के लिए कठोर दंड का प्रावधान किया है। साथ ही फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट की स्थापना कर मामलों के त्वरित निपटारे की व्यवस्था की गई है, ताकि पीड़ितों को जल्द न्याय मिल सके। डॉ. धर्मशीला गुप्ता ने कहा POCSO नियम, 2020 लागू कर पूरी न्यायिक प्रक्रिया को बाल-हितैषी बनाया गया है, जिसमें बच्चों की गोपनीयता और मनोवैज्ञानिक सहायता का विशेष ध्यान रखा जाता है। उन्होंने कहा बच्चों की सुरक्षा के लिए तकनीक का भी उपयोग किया जा रहा है। साइबर मॉनिटरिंग और हेल्पलाइन 1098 को मजबूत कर त्वरित सहायता सुनिश्चित की गई है। ऐसे संवेदनशील विषयों पर सभी दलों को राजनीति से ऊपर उठकर काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का संकल्प है और हर बच्चे को सुरक्षित व भयमुक्त वातावरण देना हम सभी की जिम्मेदारी है।

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