अंतरराष्ट्रीय

नॉर्थ कोरिया में एक हफ्ते में दूसरा क्रूज मिसाइल परीक्षण

डेस्क: ईरान युद्ध के बीच उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन ने देश के नए 5,000 टन के वॉरशिप से स्ट्रैटेजिक क्रूज मिसाइलों की टेस्टिंग देखी. यह परीक्षण मंगलवार को उत्तर कोरिया के पश्चिमी तट पर किया गया. सरकारी मीडिया के मुताबिक, बीते एक हफ्ते में यह दूसरा ऐसा मिसाइल परीक्षण है. किम ने एक सीक्रेट जगह से वीडियो लिंक के जरिए पूरे परीक्षण को देखा. इस दौरान उनकी छोटी बेटी किम जू ए भी साथ बैठी दिखाई दी. किम जू 13 साल की है. इससे पहले जनवरी 2025 में भी वह एक मिसाइल परीक्षण के दौरान किम के साथ दिखी थी.

उत्तर कोरिया की सरकारी समाचार एजेंसी कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी (KCNA) ने बुधवार को बताया कि किम जोंग उन ने यह मिसाइल परीक्षण दूर से मॉनिटर किया. इसका मकसद युद्ध जैसी स्थिति में कमांड और कंट्रोल सिस्टम की जांच करना था. KCNA के मुताबिक, इस परीक्षण के जरिए उत्तर कोरिया ने यह भी दिखाने की कोशिश की कि वह अपनी परमाणु ताकत को लेकर गंभीर है.

यह परीक्षण ऐसे समय में हुआ है जब दुनिया में परमाणु हथियारों को लेकर चिंता बढ़ी हुई है. हाल ही में अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर हमले किए हैं ताकि वह परमाणु हथियार बनाने की क्षमता हासिल न कर सके. रिपोर्ट के मुताबिक, नंबर-51 चोए ह्योन नाम के नए डिस्ट्रॉयर से नम्फो तट के पास कई क्रूज मिसाइलें तेजी से दागी गईं.

ये मिसाइलें कोरिया के पश्चिमी समुद्र के ऊपर करीब 3 घंटे तक उड़ती रहीं और फिर द्वीपों पर बने टारगेट को निशाना बनाया. स्टेट टीवी के वीडियो में दिखा कि जहाज के पिछले हिस्से में लगे वर्टिकल लॉन्च सिस्टम (VLS) से छह मिसाइलें तेजी से पश्चिम दिशा में दागी गईं. इससे पहले 4 मार्च को हुए परीक्षण में इसी जहाज से पांच मिसाइलें दागी गई थीं.

KCNA के मुताबिक, किम जोंग उन ने परीक्षण की सफलता पर संतोष जताया. उन्होंने कहा कि इस परीक्षण से देश के रणनीतिक हथियारों के कमांड सिस्टम और जहाज की लड़ाकू क्षमता की विश्वसनीयता साबित हुई है. किम ने यह भी कहा कि उत्तर कोरिया की परमाणु ताकत अब कई तरह से इस्तेमाल किए जा सकने वाले नए चरण में पहुंच गई है और उसकी युद्ध रोकने की क्षमता तेजी से मजबूत हो रही है.

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