
दिल्ली : ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा के स्नातकोत्तर अंग्रेज़ी विभाग द्वारा PAT–2023 के अंतर्गत शोधार्थियों के मार्गदर्शन से संबंधित विषयों पर विचार-विमर्श के उद्देश्य से पीएच.डी. सुपरवाइज़र मीट का आयोजन किया गया। इस बैठक में विश्वविद्यालय तथा विभिन्न संबद्ध महाविद्यालयों में कार्यरत अनेक शिक्षक एवं शिक्षिकाएं उपस्थित हुए।
बैठक में पीएच.डी. शोध कार्य से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर गंभीरतापूर्वक चर्चा की गई। विशेष रूप से कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के बढ़ते प्रयोग, शोध कार्य में प्लेगरिज़्म (Plagiarism) की समस्या, शोध की गुणवत्ता और मौलिकता बनाए रखने के उपायों पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ। इसके अतिरिक्त यह भी प्रस्तावित किया गया कि शोधार्थियों के कार्य की नियमित निगरानी के लिए प्रत्येक छह महीने पर प्रोग्रेस रिपोर्ट विभाग में जमा करना अनिवार्य किया जाए। उपस्थित शिक्षकों ने इन विषयों पर अपने-अपने विचार और सुझाव प्रस्तुत किए। कार्यक्रम की अध्यक्षता अंग्रेज़ी विभाग की विभागाध्यक्ष एवं मानविकी संकाय की अधिष्ठाता प्रो पुनीता झा ने की। इस अवसर पर प्रो ए. के. बच्चन शोध विशेषज्ञ के रूप में उपस्थित रहे। वहीं प्रो पुनिता झा के मानविकी संकायाध्यक्ष बनने पर सी एम साइंस कॉलेज के अंग्रेजी-प्राध्यापक डॉ युगेश्वर साह ने पाग एवं चादर से सम्मानित किया।
इस कार्यक्रम में प्रो. विमल कुमार, डॉ. प्रभात रंजन कर्ण, डॉ. बिंदुनाथ झा, डॉ. अंजनी कुमार, डॉ. उमर फारूक, डॉ. संगीत रंजन नटवर, डॉ. लक्ष्मण यादव, डॉ. चित्रा झा, डॉ. संकेत कुमार झा, डॉ. शांभवी, डॉ. युगेश्वर साह, डॉ सुब्रत कुमार, डॉ. कुमार वैभव सहित अन्य अनेक शिक्षक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. संकेत कुमार झा ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ. शांभवी द्वारा प्रस्तुत किया गया।
